सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग द्वारा बढ़ते तापमान के मद्देनज़र टाउनशिप में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रणनीतिक लोड प्रबंधन उपाय लागू किए गए हैं। इस दिशा में एक सक्रिय पहल करते हुए विभाग द्वारा बड़े सार्वजनिक मैदानों में नियंत्रित विद्युत आपूर्ति (पावर कर्टेलमेंट) जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे समग्र विद्युत भार का संतुलन बनाए रखा जा सके।
इस लोड अनुकूलन रणनीति के अंतर्गत उन बड़े मैदानों की विद्युत आपूर्ति को विनियमित किया गया है, जिनका उपयोग मुख्यतः सार्वजनिक अथवा मनोरंजनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाता है। उल्लेखनीय है कि निगम द्वारा निर्मित इन अधिकांश मैदानों से विद्युत शुल्क प्राप्त नहीं होता है, जिसकी जानकारी संबंधित पक्षों को पूर्व में ही अवगत करा दी गई है।
तकनीकी दृष्टि से टाउन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (टीडीएस-1 एवं टीडीएस-2) की संयुक्त स्थापित क्षमता 42.8 मेगावाट है, जिसमें से लगभग 6 मेगावाट विद्युत आपूर्ति अस्पताल, 30 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सेवाओं तथा निर्माण कार्यों जैसे आवश्यक सेवाओं हेतु आरक्षित है। इस प्रकार टाउनशिप के लिए प्रभावी उपलब्ध विद्युत क्षमता लगभग 42 मेगावाट के आसपास रहती है।
हालांकि, ट्रांसमिशन लॉस, जो मुख्यतः परिवेशीय तापमान पर निर्भर करता है, सामान्यतः 7 से 10 प्रतिशत के बीच रहता है। ग्रीष्मकाल में एयर कंडीशनर एवं कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण कंडक्टर का प्रतिरोध बढ़ जाता है, जिससे यह हानि लगभग 15 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। औसत रूप से 8 प्रतिशत लाइन लॉस तथा लगभग 2 प्रतिशत ट्रांसफॉर्मर कोर लॉस को ध्यान में रखते हुए टाउनशिप के लिए शुद्ध उपलब्ध विद्युत क्षमता घटकर लगभग 38 मेगावाट रह जाती है।
इन परिस्थितियों में यह आवश्यक हो जाता है कि पीक लोड को 34 मेगावाट के आसपास बनाए रखा जाए, ताकि आवासीय क्षेत्रों में स्थिर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस संदर्भ में विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं कि पीक लोड को 35 मेगावाट से नीचे नियंत्रित रखा जाए।