दंतेवाड़ा – नक्सल डेडलाइन खत्म होने के बाद नक्सलियों का सरेंडर जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को तेलंगाना पुलिस के सामने 47 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। डीवीसी इंचार्ज हेमला आयतु उर्फ विज्जा और 9वीं बटालियन कमांडर पोड़ियम लच्छु उर्फ मनोज जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। 34 हथियारों और 515 जिंदा कारतूस के साथ तेलंगाना में सामूहिक आत्मसमर्पण किया।
एससीएम स्तर का 1, 3 डीवीसीएम, 24 एसीएम और 19 पार्टी सदस्य शामिल हैं। दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। जिससे संगठन को करारा झटका लगा है। नक्सलियों के पास से 1 एलएमजी, 4 एके-47, 3 एसएलआर, 2 इंसास, 12 सिंगल शॉट गन, 2 बीजीएल गन, 2 पिस्टल भारी मात्रा में विस्फोटक और कार्डेक्स वायर बरामद किया गया है।
डीजीपी की मौजूदगी में दी जाएगी सहायता राशि
डीजीपी शिवधर रेड्डी की मौजूदगी में 1 करोड़ 50 लाख की सहायता राशि दी जाएगी तेलंगाना में अब तक 260 नक्सलियों का आत्मसमर्पण किया है। अभियान को बड़ी सफलता मिल रही है। इलाके में शांति बहाली की हो रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल ऊंचा है।
नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका
नक्सलियों के इस सामूहिक सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियां नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मान रही है। इस असर दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी(DVC) पर भी देखने को मिल रहा है। इस हलचल के बाद से DVC लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है।