छत्तीसगढ़ इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। बिलासपुर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि राज्य के पांच प्रमुख शहरों में तापमान 42°C से ऊपर दर्ज किया गया है। गर्मी का असर इतना तीखा है कि दिन के साथ-साथ रातें भी तपने लगी हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे राहत नहीं मिल रही।
इस झुलसाने वाली गर्मी के बीच मौसम ने एक और करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक अंधड़, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह बदलाव उत्तर प्रदेश की ओर बने एक मौसमीय सिस्टम और विदर्भ से दक्षिण भारत तक फैली ट्रफ लाइन के असर से हो रहा है। हालांकि, इसके बावजूद तापमान में फिलहाल कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलेगी और अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद ही तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की हल्की राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।
राज्य के मध्य हिस्सों में लू का खतरा भी बना हुआ है। दोपहर के समय गर्म हवाएं चलने से हालात और कठिन हो रहे हैं। राजधानी रायपुर में भी तापमान 45°C तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर बना रहेगा।
बीते 24 घंटों में पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। वहीं न्यूनतम तापमान के मामले में अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 22.5°C रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ‘वार्म नाइट’ की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है, जहां रात में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहता है और शरीर को आराम नहीं मिल पाता।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिलहाल दोहरी मार वाला है—एक तरफ तेज गर्मी और लू, तो दूसरी तरफ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा। ऐसे में आने वाले कुछ दिन सतर्कता के साथ बिताने की जरूरत है।