छत्तीसगढ़ के Dantewada जिले के ग्राम पंचायत हारम में जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जहां ग्रामीणों ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर जबरन सरकारी निर्माण शुरू किए जाने का आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आने के बाद गांव में नाराजगी तेज हो गई और सोमवार को बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते नजर आए।
ग्रामीणों का कहना है कि खसरा नंबर 167 की भूमि पर बिना किसी पूर्व सूचना, अनुमति या ग्राम सभा की सहमति के निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। आरोप सीधे पंचायत के सरपंच पर लगाए जा रहे हैं, जिन पर ग्रामीणों ने जमीन को गलत तरीके से प्रशासन को सौंपने का संदेह जताया है। लोगों का दावा है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और स्थानीय निवासियों को विश्वास में नहीं लिया गया।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब ग्रामीणों ने इस जमीन को अपनी आस्था से जुड़ा बताया। उनका कहना है कि यह केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि वर्षों से पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों का केंद्र रहा है। ऐसे में यहां निर्माण कार्य शुरू होना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनती जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि अगर निर्माण कार्य जारी रहा तो करीब 7 परिवारों के सामने भूमिहीन होने का संकट खड़ा हो सकता है। इससे उनके रहने और जीविकोपार्जन पर सीधा असर पड़ेगा। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल काम रुकवाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच यह मुद्दा अब संवेदनशील बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।