छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक संवेदनशील और तनावपूर्ण घटना सामने आई है, जहां धर्मांतरण के आरोपों को लेकर ग्रामीणों और एक पास्टर के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसा तक पहुंच गया। रेटावंड गांव में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ पास्टर के साथ मारपीट करती नजर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक, संबंधित पास्टर नवरंगपुर (ओडिशा) का रहने वाला है और पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार के साथ गांव में रह रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि वह लगातार गांव के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहा था, जिससे गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इसी मुद्दे को लेकर हाल ही में गांव में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुछ धर्मांतरित परिवार भी शामिल हुए।
इस बैठक के दौरान माहौल अचानक गर्म हो गया। ग्रामीणों ने पास्टर से साफ तौर पर गांव छोड़ने को कहा, लेकिन जब उसने इसका विरोध किया तो स्थिति बेकाबू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने पास्टर की लात-घूंसों और चप्पलों से पिटाई कर दी। इस दौरान उसकी शर्ट भी फाड़ दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पास्टर ने इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी है। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराने की कोशिश की है।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन माहौल को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि पास्टर अपने परिवार के साथ वापस अपने गृह राज्य लौट जाए, जबकि पास्टर ने भी आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही गांव छोड़ देगा।
यह पूरा मामला एक बार फिर संवेदनशील सामाजिक मुद्दों पर बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था की चुनौती को उजागर करता है। प्रशासन की प्राथमिकता अब स्थिति को शांत बनाए रखने और किसी भी तरह के टकराव को रोकने पर है।


