नरेंद्र मोदी के साथ मैदान पर उतरना हर युवा खिलाड़ी का सपना होता है, और सिक्किम के कुछ युवा फुटबॉलरों के लिए यह सपना सच हो गया। गंगटोक में लोक भवन में आयोजित एक खास कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 17 युवा खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेला, जिसे खिलाड़ियों ने अपने जीवन का सबसे रोमांचक और यादगार अनुभव बताया।
मैच के बाद खिलाड़ियों की खुशी साफ झलक रही थी। प्रीकिला तमांग ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ खेलना उनके लिए सम्मान की बात है और ऐसा मौका जिंदगी में एक ही बार मिलता है। उन्होंने बताया कि यह अनुभव उनके लिए हमेशा खास रहेगा और वे इसे कभी नहीं भूल पाएंगी।
ईशान मांझी ने भी इस पल को बेहद खास बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के साथ समय बिताना किसी बड़े अवसर से कम नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में वे फुटबॉल के जरिए देश का प्रतिनिधित्व करेंगे, खासकर ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर।
दीपन राय ने प्रधानमंत्री के व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि वह खिलाड़ियों के साथ बेहद मित्रतापूर्ण और सहज थे। उन्होंने यह भी कहा कि 75 साल की उम्र में पीएम की ऊर्जा और उत्साह उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
शेरिन लेपचा ने इस मौके पर केंद्र सरकार की खेल नीतियों की सराहना की और कहा कि इससे खासकर महिला खिलाड़ियों को काफी फायदा हुआ है। खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस तरह की योजनाएं उन्हें बेहतर प्लेटफॉर्म और एक्सपोजर देती हैं।
प्रधानमंत्री ने भी खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान उन्हें खेल को गंभीरता से लेने और भविष्य में ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए मेहनत करने की सलाह दी।
कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक दोस्ताना मैच नहीं था, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और सपनों को नई उड़ान देने वाला एक खास पल बन गया।