वहीं चांदी भी इस तेजी से अछूती नहीं रही। एक किलो चांदी की कीमत 582 रुपए बढ़कर 2,36,882 रुपए तक पहुंच गई है। इससे पहले यह 2,36,300 रुपए प्रति किलो के आसपास थी। साफ है कि दोनों कीमती धातुओं में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है और बाजार में मजबूती का रुख कायम है।
अगर पूरे साल 2026 की बात करें तो सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। साल की शुरुआत में यानी 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर करीब 1.48 लाख रुपए पर पहुंच चुका है। यानी अब तक इसमें लगभग 16 हजार रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। इसी तरह चांदी भी पीछे नहीं रही और साल की शुरुआत में 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर अब 2.37 लाख रुपए तक पहुंच गई है, जो करीब 7 हजार रुपए की बढ़त को दर्शाता है।
बीते महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन कुल मिलाकर ट्रेंड ऊपर की ओर ही रहा है। जनवरी में सोना 1.65 लाख तक पहुंचा था, जबकि फरवरी और मार्च में इसमें थोड़ी गिरावट आई, लेकिन अप्रैल में फिर तेजी लौट आई है। चांदी के साथ भी कुछ ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिला, जहां भारी उछाल के बाद कीमतें स्थिर हुईं और फिर से बढ़ने लगीं।
ऐसे माहौल में अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले हमेशा Bureau of Indian Standards (BIS) हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, जिससे उसकी शुद्धता सुनिश्चित होती है। इसके अलावा खरीदारी से पहले अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों से कीमत जरूर जांच लें, क्योंकि कैरेट के हिसाब से सोने का भाव बदलता रहता है।
चांदी खरीदते समय भी सावधानी जरूरी है। असली चांदी की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और कपड़े से रगड़कर देखना। ये सभी तरीके आपको नकली और असली चांदी के बीच फर्क समझने में मदद करते हैं।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में सोना और चांदी दोनों ही निवेश के लिहाज से चर्चा में बने हुए हैं। बाजार की चाल को देखते हुए आने वाले समय में इनकी कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है।