दुर्ग- भिलाई के चौहान टाउन स्थित डी–2 ब्लॉक के प्रथम तल के फ्लैट में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को सायं लगभग 7:25 बजे आग लगने की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही वहां निवासरत एक संयंत्र कर्मी द्वारा तत्काल भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया।
सूचना प्राप्त होते ही अग्निशमन अधिकारी श्री विशेष राठी के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड दल—फायरमैन श्री एस. के. मीना, श्री संजीव कुमार एवं श्री संतोष साहू अल्प समय में घटनास्थल पर पहुँच गए तथा तत्परता एवं कुशलता से आग पर नियंत्रण स्थापित कर एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग ने भी मौके पर पहुंचकर समन्वित रूप से कार्य किया। राहत एवं बचाव कार्य तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना के संबंध में अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री संजय धवस ने बताया कि संबंधित फ्लैट का उपयोग भंडारण कक्ष (स्टोर रूम) के रूप में किया जा रहा था, जहाँ कॉस्मेटिक सामग्री, कार्डबोर्ड, कुशन, पैकेजिंग सामग्री, बैटरी एवं किचन पैनल जैसी ज्वलनशील वस्तुएं रखी हुई थीं।
श्री धवस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि ग्रीष्मकाल में शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, अतः घरों में केवल प्रमाणित गुणवत्ता के विद्युत तारों का उपयोग करें तथा ओवरलोडिंग से बचें। साथ ही, आवासीय क्षेत्रों में अनावश्यक भंडारण एवं अत्यधिक ज्वलनशील वस्तुओं के संचयन से परहेज करें, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
यह घटना त्वरित सूचना, प्रभावी समन्वय एवं सतर्कता के कारण नियंत्रित हो सकी, जो भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन तंत्र की तत्परता एवं दक्षता का परिचायक है। संयंत्र के अलावा उसके आसपास के क्षेत्रों में अग्निशमन विभाग ने इसके पहले भी बचाव कार्य किया है। भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई क्षेत्र में ज़िम्मेदारी निभाते हुए लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है और आगे भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाएगा।