छत्तीसगढ़ की राजनीति में श्रमिक दिवस के मौके पर सियासी बयानबाज़ी भी तेज रही। राज्य के उपमुख्यमंत्री Arun Sao ने एक ओर श्रमिकों के योगदान को सराहा, तो दूसरी ओर विपक्ष पर तीखे हमले भी किए। उन्होंने सरकार की योजनाओं, सुशासन तिहार और कांग्रेस की गतिविधियों पर खुलकर अपनी बात रखी।
श्रमिक दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में श्रमिकों की सबसे बड़ी भूमिका है। उनके अनुसार, श्रमिकों के पसीने से ही ‘विकसित भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम कानूनों में लगातार सुधार कर रही है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।
इस दौरान उन्होंने राज्य में शुरू हो रहे ‘सुशासन तिहार’ को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रशासनिक तंत्र सीधे गांवों तक पहुंचेगा। छोटे अधिकारियों से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक जनता से संवाद करेगा और योजनाओं की जमीनी हकीकत जानेगा। उन्होंने कहा कि Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो।
अरुण साव ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस दौरान अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखें, ताकि सरकार उन्हें तेजी से हल कर सके और छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा मिल सके।
वहीं, रायपुर में आयोजित कांग्रेस की बैठकों को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब जनता से कट चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी की गतिविधियों का कोई असर अब जनता पर नहीं पड़ता, क्योंकि लोगों ने पहले ही उसके कामकाज को देख लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की बैठकें सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं और इससे कोई राजनीतिक फायदा मिलने वाला नहीं है।
कांग्रेस नेता Sachin Pilot के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी उपमुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब जनसरोकारों से दूर हो चुकी है और उसके अपने नेता व कार्यकर्ता भी पार्टी से निराश हैं। ऐसे में बाहरी दौरों से कोई बड़ा असर पड़ने वाला नहीं है।
कुल मिलाकर, श्रमिक दिवस के मौके पर जहां सरकार ने श्रमिकों के हितों और विकास योजनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक प्रहार देखने को मिला। आने वाले दिनों में ‘सुशासन तिहार’ के जरिए सरकार के जमीनी कामकाज की असली तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।