भारतीय संगीत जगत के लिए 2026 एक गहरा शोक लेकर आया, जब सुरों की मलिका Asha Bhosle ने 92 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन ने एक ऐसे युग का अंत कर दिया, जिसकी गूंज पीढ़ियों तक सुनाई देती रही। इस दुखद घड़ी में उनकी छोटी बहन Usha Mangeshkar ने पहली बार सामने आकर अपने दिल का दर्द साझा किया है।
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उषा मंगेशकर भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि बड़ी बहन का जाना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। उन्होंने कहा—“मेरी बड़ी बहन चली गईं… पिछले कुछ सालों में मैंने अपनी दोनों बड़ी बहनों को खो दिया। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।”
दरअसल, इससे पहले 2022 में Lata Mangeshkar के निधन ने भी इस परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया था। अब आशा भोसले के जाने के बाद उषा मंगेशकर खुद को बेहद अकेला महसूस कर रही हैं।
उन्होंने अपने बचपन की यादों को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा साथ रहे, साथ बड़े हुए और जीवन के हर पड़ाव को एक-दूसरे के साथ जिया। “अब घर में बहुत खालीपन महसूस होता है… जैसे सब कुछ बदल गया हो,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा।
दुख के बावजूद उषा मंगेशकर ने खुद को संभालने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि घर में बैठकर दुखी रहने के बजाय उन्होंने बाहर निकलकर लोगों के बीच आने का फैसला किया, ताकि मन थोड़ा हल्का हो सके।
Asha Bhosle का निधन 12 अप्रैल 2026 को मुंबई में हुआ था। सीने में संक्रमण और थकान के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके जाने से भारतीय संगीत की वह आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई, जिसने दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ।
आज भी उनके गाए गीत, उनकी आवाज और उनकी यादें—संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा हैं। लेकिन परिवार के लिए यह क्षति सिर्फ एक महान कलाकार का जाना नहीं, बल्कि अपने सबसे करीब के इंसान को खो देने का दर्द है।