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AIIMS दिल्ली में फिर बनेगी हाई-टेक BSL-3 लैब—संक्रामक बीमारियों की जांच और रिसर्च को मिलेगा बड़ा बूस्ट

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देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) से मरीजों और रिसर्च के लिए एक अहम खबर सामने आई है। संस्थान एक बार फिर अत्याधुनिक BSL-3 लैब बनाने की तैयारी में है, जो संक्रामक बीमारियों के इलाज और शोध को नई दिशा दे सकती है।

यह लैब दिल्ली एम्स के कन्वर्जेंस ब्लॉक में बनाई जाएगी और इसे सेंट्रलाइज्ड कोर रिसर्च फैसिलिटी का हिस्सा बनाया जाएगा। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सुविधा पहले से ज्यादा आधुनिक और सुरक्षित होगी। इसमें वायरस, बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन से जुड़ी बीमारियों पर गहराई से रिसर्च की जा सकेगी।

दरअसल, एम्स में पहले भी BSL-3 लैब मौजूद थी, जिसका इस्तेमाल कोविड-19 के दौरान जांच और रिसर्च में किया गया था। लेकिन 16 जून 2021 को लगी आग में यह लैब पूरी तरह नष्ट हो गई थी। इसके बाद लंबे समय तक इस स्तर की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। अब नई लैब के जरिए उस कमी को दूर किया जाएगा।

नई लैब की खासियत यह होगी कि इसमें वायरोलॉजी और बैक्टीरियोलॉजी दोनों तरह की सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार डिजाइन की गई इस लैब में बायोसेफ्टी का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि रिसर्च के दौरान किसी भी तरह का संक्रमण बाहर न फैल सके।

इसके लिए HEPA फिल्टर आधारित एयर सिस्टम लगाया जाएगा, जो लैब के भीतर हवा को शुद्ध रखेगा। साथ ही, एग्जिट प्वाइंट पर शॉवर सिस्टम भी होगा, जिससे लैब में काम करने वाले स्टाफ बाहर निकलने से पहले पूरी तरह सुरक्षित हो सकें।

इस लैब का सबसे बड़ा फायदा मरीजों को मिलेगा। संक्रामक बीमारियों की जांच तेज और सटीक होगी, जिससे इलाज में देरी नहीं होगी। साथ ही, भविष्य में अगर कोविड जैसी कोई महामारी आती है, तो यह लैब जांच और वैक्सीन रिसर्च दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कुल मिलाकर, यह पहल न सिर्फ मेडिकल रिसर्च को मजबूत करेगी, बल्कि देशभर से आने वाले हजारों मरीजों को बेहतर और तेज स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराएगी।

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