सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र के रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग द्वारा कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए एसआरयू इकाई के अंतर्गत कार्यरत संविदा सेफ्टी सुपरवाइजर्स के लिए तीन दिवसीय सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘प्रेरणा’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम दिनांक 30 अप्रैल से 02 मई 2026 तक भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित किया गया, जिसमें कक्षा आधारित सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक स्थल प्रशिक्षण भी सम्मिलित रहा।
‘प्रेरणा’ नामक यह पहल युवा सेफ्टी सुपरवाइजर्स के पेशेवर जीवन की एक सशक्त शुरुआत का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य केवल अनुपालन तक सीमित न रहकर नवप्रवेशी प्रतिभागियों और औद्योगिक अपेक्षाओं के मध्य कौशल अंतर को कम करना है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण सुरक्षा क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया, जिससे वे स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अन्य कर्मियों का मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण भी प्रभावी रूप से कर सकें।
प्रशिक्षण के प्रथम बैच में कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 7 प्रतिभागी पूर्व औद्योगिक अनुभव के साथ आए, जबकि शेष नवप्रवेशी थे। उल्लेखनीय है कि अधिकांश प्रतिभागी 30 वर्ष से कम आयु वर्ग के थे, जो युवा सुरक्षा नेतृत्व को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग, एसआरयू एवं भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विभिन्न सत्र अनुभवी अधिकारियों द्वारा संचालित किए गए, जिनमें महाप्रबंधक (आरईडी) श्री आर. गोपालकृष्णन ने कार्यस्थल अनुभवों के दस्तावेजीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उप महाप्रबंधक (आरईडी) श्री इंद्रदीप चटर्जी ने हाजर्ड आइडेंटिफिकेशन एंड रिस्क असेसमेंट (हीरा) तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपीस) की भूमिका को विस्तार से समझाया।
वहीँ सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) श्री अनिल पाढ़ी द्वारा सुरक्षा मानकों पर सत्र लिया गया, जबकि उप महाप्रबंधक (आरईडी) श्री जितेंद्र शर्मा ने संविदा दायित्वों एवं ठेका सुरक्षा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) श्री मोहम्मद साबिर ने सेफ्टी टॉक एवं टूलबॉक्स टॉक के अंतर तथा असुरक्षित कृत्यों एवं परिस्थितियों की पहचान पर प्रकाश डाला। सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) श्री संतोष कुमार सिन्हा ने सुरक्षा दस्तावेजीकरण, फोर्कलिफ्ट एवं भारी वाहनों की सुरक्षा तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
इसके अतिरिक्त सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) श्री जे. आर. मारकंडे ने विद्युत सुरक्षा मानकों पर जानकारी दी, वहीं प्रबंधक (आरईडी) श्री पुष्पेंद्र सिंह ने फैक्ट्री अधिनियम एवं संबंधित विधिक प्रावधानों पर विस्तृत सत्र लिया। स्थल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं अनुप्रयोग को सुदृढ़ करने हेतु उप प्रबंधक श्री सौरभ यादव, श्री हर्षवर्धन सिंह एवं श्री शुभम कार्तिकेयन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) सुश्री मालिनी परगनिहा द्वारा आयोजित क्विज सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के ज्ञान का मूल्यांकन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की संकल्पना एवं रूपरेखा महाप्रबंधक (आरईडी) श्री आर. गोपालकृष्णन द्वारा मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री प्रोसेनजीत दास के मार्गदर्शन में तैयार की गई, जो विभाग की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता एवं सुरक्षा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।