देश की जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को अंजाम देते हुए फर्जी पासपोर्ट रैकेट के मुख्य आरोपी आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह को UAE से भारत लाने में सफलता हासिल की है। आरोपी को भारत लाने के बाद हरियाणा पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि आलोक कुमार लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था और हरियाणा पुलिस का मोस्ट वांटेड था। उस पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने जैसे गंभीर आरोप हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वह एक संगठित गिरोह का सरगना था, जो अपराधियों को नई पहचान देकर उन्हें विदेश भागने में मदद करता था।
इस पूरे ऑपरेशन में Interpol की अहम भूमिका रही। आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया, जिसके आधार पर उसकी लोकेशन UAE में ट्रेस की गई। वहां की एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत भेज दिया।
आलोक कुमार को मुंबई एयरपोर्ट लाया गया, जहां से हरियाणा पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया। अब उससे पूछताछ के जरिए इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश की जा रही है—ताकि यह पता चल सके कि किन-किन लोगों को फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भेजा गया और इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है।
यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े अपराधी की गिरफ्तारी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले फर्जी दस्तावेज नेटवर्क के खिलाफ भारत की मजबूत कार्रवाई का संकेत भी है।