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जनगणना:मकानों को देंगे यूनिक लोकेशन, भविष्य में इमरजेंसी सर्विस और ऑनलाइन डिलीवरी इसी से

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इस बार की जनगणना बेहद खास है। डिजिटल जनगणना में पहली बार ऐसा होगा जब हर घर को एक यूनिक लोकेशन भी मिलेगा। जो कर्मचारी आपके घर आएंगे वे अपने खास एप में मकान जहां स्थित है वहां की इंट्री अक्षांश-देशांतर के आधार पर करेंगे। इससे भविष्य में किसी भी तरह की इमरजेंसी सर्विस, ड्रोन डिलीवरी, ऑनलाइन डिलीवरी समेत लोकेशन के आधार पर घरों तक पहुंचने का काम बेहद आसान हो जाएगा।

लोग किसी भी एप से जो लोकेशन भेजेंगे वो बेहद सटीक होगी। उसमें रोड, गली, मोहल्ला सबकुछ क्लियर होगा। यानी कहीं भी भटकने का चांस जीरो होगा। इसका सबसे बेहतर उपयोग किसी भी आपातकालीन स्थिति में किया जा सकेगा।

आगजनी, एक्सीडेंट, हार्ट अटैक जैसे हादसे होने पर कई बार इमरजेंसी सर्विस को सटीक लोकेशन में पहुंचने में दिक्कत होती है। लेकिन जनगणना होने के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी। जीपीएस से सिस्टम जुड़े होने की वजह से इमरजेंसी सर्विस वाले बिना किसी परेशानी के मौके पर पहुंच सकेंगे।

इतना ही नहीं ऑनलाइन सामान मंगाने पर अभी कई बार डिलिवरी ब्वॉय को लोकेशन बताना पड़ता है। आने वाले दिनों में इस तरह की समस्या भी खत्म हो जाएगी। जीपीएस की मदद से वे बिना किसी जानकारी के भी घर के बाहर पहुंच जाएगा।

इसलिए पहले मकानों को नंबर दिए, अब लोकेशन देंगे

हाईटेक जनगणना होने की वजह से ही पहले मकानों का सूचीकरण किया गया है। सभी जगहों पर पहले मकानों को नंबर दिए गए हैं। अब इन्हीं मकानों को नंबर के आधार पर उनके लोकेशन की इंट्री की जाएगी। रायपुर नगर निगम सीमा में करीब 3.60 लाख मकान और अन्य प्रॉपर्टी हैं।

इन सभी की इंट्री एप में यूनिक लोकेशन के तहत की जाएगी। इस तरह की ऑनलाइन इंट्री पूरे 70 वार्डों में होगी। इसके लिए एप में ही प्रत्येक गणना बॉक्स का नक्शा तैयार किया गया है। कर्मचारियों को जो डिवाइस और एप मिला है पहले तय लोकेशन का मिलान किया।

आम लोगों को इससे क्या फायदा होगा ऐसे समझें… इमरजेंसी सेवाओं में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या पुलिस को किसी के भी घर का पता खोजने में परेशानी नहीं होगी। यूनिक नंबर और लोकेशन से वे सीधे ‘सटीक लोकेशन’ पर पहुंच सकेंगे। इससे समय बचेगा। जरूरतमंद लोगों को फौरी मदद मिलेगी।

ड्रोन और ऑनलाइन डिलीवरी भविष्य में जब भी ड्रोन डिलीवरी शुरू होगी तो यह डिजिटल नंबर एक डिजिटल एड्रेस की तरह काम करेगा। इसके अलावा ऑनलाइन पार्सल की डिलीवरी पहले से ज्यादा सटीक और तेजी से हो सकेगी। भटकना नहीं पड़ेगा।

सरकारी योजनाओं में फायदा जनगणना में सही डेटा मिलने के बाद सरकार को भी यह पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में सुविधाएं कम हैं। नई पाइपलाइन, सीवरेज सिस्टम, गार्डन, सड़क समेत सुविधाओं का विस्तार सही जगह पर हो सकेगा।

मालिकाना हक और रिकॉर्ड

डिजिटल जनगणना से घर का मालिकाना हक या किरायेदार का डेटा भी पहली बार व्यवस्थित तरीके से मिल सकेगा। इससे पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी। भविष्य में संपत्ति संबंधी विवाद या कामों में पारदर्शिता आएगी।

सुव्यवस्थित सेवाएं

कचरा कलेक्शन जैसे डोर-टू-डोर, पानी के टैंकर, कचरा गाड़ी से लेकर निगम की अन्य सेवाओं की मॉनिटरिंग इसी यूनिक आईडी और लोकेशन से पहले से ज्यादा प्रभावी ढंग से हो सकेगी। क्योंकि सभी की लोकेशन सटीक मिलेगी।

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