इस पूरे स्कैम का तरीका बेहद चालाक और खतरनाक है। हैकर्स यूजर्स को “फ्री ब्लू टिक” का लालच देकर फंसाते हैं। कई यूजर्स वेरिफिकेशन बैज पाने के लिए उत्साहित रहते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। सिक्योरिटी फर्म Guardio के रिसर्चर Shaked Chen के अनुसार, यह अटैक “AccountDumpling” नाम के एक बड़े कैंपेन का हिस्सा है।
हैरानी की बात यह है कि इस स्कैम में इस्तेमाल किए जा रहे ईमेल्स बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। हैकर्स ने Google AppSheet जैसे प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किया है, जिससे भेजे गए मैसेज यूजर्स को भरोसेमंद लगते हैं। ईमेल में कभी अकाउंट बंद होने की चेतावनी दी जाती है, तो कभी मुफ्त ब्लू टिक देने का ऑफर दिया जाता है।
जैसे ही यूजर इस तरह के लिंक पर क्लिक करता है, वह एक नकली लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है। यहां उससे यूजरनेम, पासवर्ड और यहां तक कि टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन कोड तक मांगा जाता है। यूजर अनजाने में अपनी पूरी जानकारी हैकर्स को सौंप देता है, और कुछ ही सेकंड में उसका अकाउंट उनके कब्जे में चला जाता है।
इस स्कैम को और खतरनाक बनाने के लिए हैकर्स ने एडवांस तकनीकों का इस्तेमाल किया है, जैसे छिपे हुए कैरेक्टर्स और टेक्स्ट में बदलाव, जिससे सिक्योरिटी सिस्टम भी कई बार इसे पहचान नहीं पाते। बताया जा रहा है कि इसके पीछे एक विदेशी (संभावित रूप से वियतनाम आधारित) ग्रुप सक्रिय है, जो हैक किए गए अकाउंट्स को आगे बेचता है।
ऐसे में यूजर्स के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, खासकर जब उसमें जल्दबाजी या लालच का संदेश हो। ब्लू टिक या किसी भी वेरिफिकेशन के लिए हमेशा आधिकारिक Meta चैनल्स का ही सहारा लें।
डिजिटल दुनिया में एक छोटी सी गलती आपकी पूरी ऑनलाइन पहचान को खतरे में डाल सकती है। इसलिए सतर्क रहें, समझदारी से काम लें और किसी भी “फ्री ऑफर” के जाल में फंसने से बचें।