मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सरनापारा गांव का है, जहां रिटायर्ड कर्मचारी पैत्रुस कुजूर की पत्नी ललिता कुजूर घर पर अकेली थीं। इसी दौरान कुछ लोग कार बुकिंग के बहाने उनके घर पहुंचे। जैसे ही उन्हें पता चला कि महिला घर में अकेली है, उन्होंने हमला कर दिया और उसके हाथ-पैर बांधकर जबरन अपने साथ ले गए।
जब पैत्रुस कुजूर अंबिकापुर से वापस लौटे, तो पत्नी को घर में न पाकर उन्होंने खोजबीन शुरू की। तभी उनके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें बदमाशों ने अपहरण की जानकारी देते हुए साफ शब्दों में कहा—22 लाख रुपए दो, वरना पत्नी को वापस नहीं मिलेगा। यह सुनते ही परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पूरे जिले में नाकेबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 12 घंटे तक महिला बदमाशों के कब्जे में रही। पुलिस की बढ़ती दबिश और लगातार तलाशी अभियान से घबराकर आरोपी देर रात करीब 3 बजे महिला को बाईपास रोड के पास छोड़कर फरार हो गए।
महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लंबे समय तक बंधक बनाए रखने के कारण उसके शरीर पर चोट के निशान हैं और वह मानसिक रूप से भी काफी डरी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अपहरण और फिरौती का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। फिलहाल आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जहां अपराधी खुलेआम घर में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों तक पहुंच पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।