कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर डालें तो जनवरी से मार्च के बीच BHEL ने 1283 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि के 504 करोड़ रुपये से दोगुने से भी ज्यादा है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से कहीं बेहतर रहा और इसी ने स्टॉक में तेजी की मुख्य वजह बनाई।
हालांकि कंपनी की कुल आय 12,310 करोड़ रुपये रही, जो अनुमान से थोड़ा कम थी, लेकिन साल-दर-साल आधार पर इसमें 37% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि कंपनी की ग्रोथ बरकरार है और ऑर्डर बुक में मजबूती बनी हुई है।
ऑपरेशनल स्तर पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। EBITDA 832 करोड़ रुपये से बढ़कर 1754 करोड़ रुपये पहुंच गया, यानी इसमें दो गुना से ज्यादा की बढ़त हुई। वहीं EBITDA मार्जिन 9.2% से बढ़कर 14.2% हो गया, जो कंपनी की बेहतर कार्यक्षमता और लागत नियंत्रण को दर्शाता है। अन्य आय में भी बढ़त दर्ज की गई है, जो 159 करोड़ से बढ़कर 252 करोड़ रुपये हो गई।
निवेशकों के लिए राहत की खबर यह भी है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.40 रुपये प्रति शेयर (70%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो निवेशकों को 30 दिनों के भीतर इसका लाभ मिल सकता है।
पिछले एक साल में BHEL का प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा है। जहां कंपनी का शेयर करीब 70% तक चढ़ा है, वहीं Nifty 50 में इस दौरान गिरावट देखी गई है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.34 लाख करोड़ रुपये के आसपास है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल्स, बढ़ती ऑर्डर बुक और बेहतर मार्जिन आगे भी स्टॉक को सपोर्ट दे सकते हैं। हालांकि ऊंचे वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, BHEL के ताजा नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि कंपनी मजबूत वापसी की राह पर है और निवेशकों के लिए यह स्टॉक फिलहाल चर्चा का केंद्र बना हुआ है।