छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए बजट सत्र में घोषित स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि गांवों में पढ़ने वाले छात्र भी अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा हासिल कर सकें और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में आगे बढ़ सकें।
सरकार की योजना है कि शुरुआती चरण में प्रदेशभर के 150 शासकीय विद्यालयों का चयन किया जाए। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक से एक विद्यालय का नाम मांगा गया है। खास बात यह है कि चयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को प्राथमिकता दी गई है। जिन विद्यालयों में 12वीं तक की पढ़ाई संचालित हो रही है, उन्हीं स्कूलों को इस योजना में शामिल किया जा रहा है। अधिकांश जिलों ने अपने-अपने क्षेत्रों से स्कूलों के नाम भेज भी दिए हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही इस योजना की शुरुआत करना है। इसके तहत प्रवेश प्रक्रिया अगले महीने से शुरू किए जाने की संभावना है। इन स्कूलों में पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी रहेगा और व्यवस्था काफी हद तक पूर्व की स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना की तर्ज पर तैयार की जाएगी। हालांकि एक बड़ा बदलाव यह होगा कि इन स्कूलों की संबद्धता सीजी बोर्ड से ही बनी रहेगी, जबकि पहले स्वामी आत्मानंद स्कूलों में कई जगह CBSE पैटर्न अपनाया गया था।
इस योजना में फीस व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई स्वामी आत्मानंद योजना में छात्रों को पूरी तरह मुफ्त शिक्षा दी जाती थी और स्कूलों को सरकार की ओर से अनुदान मिलता था। शुरुआत में कम स्कूल होने के कारण अनुदान व्यवस्था सुचारू रही, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में स्कूल शामिल होने से आर्थिक दबाव बढ़ गया। इसी कारण अब सत्र 2026-27 से स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में भी अन्य सरकारी स्कूलों की तरह फीस ली जाएगी। हालांकि फीस संरचना सामान्य शासकीय विद्यालयों के समान ही रहने की बात कही गई है।
रायपुर जिले से भी इस योजना के लिए चार विद्यालयों का चयन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला शिक्षा कार्यालयों से प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसके बाद राजधानी के प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक स्कूल का चयन किया गया। चयनित विद्यालयों में धरसींवा ब्लॉक का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरी, आरंग ब्लॉक का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निसदा, अभनपुर ब्लॉक का हायर सेकंडरी स्कूल पोड़ और तिल्दा ब्लॉक का हायर सेकंडरी स्कूल सरोरा शामिल हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और अंग्रेजी भाषा में उनकी पकड़ मजबूत होगी। इससे गांवों के छात्रों को भी बड़े शहरों के विद्यार्थियों की तरह आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।