रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इनकी निशानदेही पर पकड़े गए 9 संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट चला रहे थे और इसके तार शहर के बड़े कारोबारियों तथा सर्राफा व्यापारियों तक पहुंच सकते हैं।
पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार आरोपी “तीन पैनल 777” नाम से ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट कर रहे थे। इसके लिए अलग-अलग वेबसाइट, मास्टर आईडी और पैनल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को जोड़कर सट्टा नेटवर्क तेजी से फैलाया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। पुलिस को इनकी गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी, जिसके बाद निगरानी बढ़ाकर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से सट्टा-पट्टी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं। साथ ही करोड़ों रुपए के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कई बड़े कारोबारी और सर्राफा कारोबारियों से संपर्क के संकेत मिले हैं। इसी वजह से जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इस मामले में पुलिस ने नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान 2 कार, 5 मोबाइल फोन और करीब 6 हजार रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं।
इससे पहले 17 अप्रैल को रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। उसके साथ 6 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया था। पुलिस ने उस कार्रवाई में BMW समेत करीब 60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की थी।
जांच में सामने आया था कि बाबू खेमानी, जिसका असली नाम गुलशन खेमानी बताया गया है, सोशल मीडिया के जरिए खुद को हाई-प्रोफाइल इंफ्लुएंसर और सफल कारोबारी की तरह पेश करता था। वह महंगी कारों, विदेश यात्राओं और लग्जरी लाइफस्टाइल वाले पोस्ट शेयर कर लोगों को प्रभावित करता था।
पुलिस के मुताबिक खेमानी ने “3 STUMPS” नाम की ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट शुरू की थी, जो महादेव ऐप की तर्ज पर काम करती थी। आरोप है कि वह आईपीएल मैचों के दौरान “प्रिडिक्शन” और “टिप्स” के नाम पर लोगों को जोड़ता था और फिर उन्हें टेलीग्राम लिंक के जरिए सट्टा नेटवर्क में शामिल किया जाता था।
जांच में उसका दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि दुबई यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी से भी हुई थी। हालांकि फिलहाल इस मुलाकात का सट्टा नेटवर्क से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और विदेशी नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे सिंडिकेट का खुलासा करने के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंक रिकॉर्ड और सोशल मीडिया नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।