रायपुर के चर्चित मोवा डबल मर्डर केस में अब एक नया और बेहद खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है। अपनी दो सालियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी जितेंद्र वर्मा फरार होने की कोशिश में मोवा स्थित एक मेडिकल स्टोर पहुंचा, जहां उसने पिस्टल लहराते हुए कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैला दी। CCTV फुटेज में आरोपी खुलेआम फायरिंग करता और लोगों को धमकाता नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि हत्या के बाद आरोपी सीधे अपोलो मेडिकल स्टोर पहुंचा था। वहां उसने एक ग्राहक को बंदूक दिखाकर गाड़ी की चाबी मांगी ताकि वह मौके से भाग सके। इसी दौरान उसने मेडिकल स्टोर के अंदर गोली भी चलाई। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी, लेकिन अचानक हुई फायरिंग से पूरे स्टोर में अफरा-तफरी मच गई। CCTV फुटेज में कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं।
कुछ ही देर बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस हत्याकांड ने पूरे रायपुर को झकझोर दिया है। आरोपी की पत्नी खिलेश्वरी और उसकी सास सावित्री बाई ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है। दोनों का कहना है कि उसने न सिर्फ परिवार उजाड़ दिया बल्कि लंबे समय से पूरे घर को डर और हिंसा के माहौल में जीने को मजबूर कर रखा था।
घटना की शुरुआत मंगलवार रात उस समय हुई जब आरोपी जितेंद्र अपनी पत्नी और 16 महीने की बेटी से मिलने ससुराल पहुंचा। परिवार के मुताबिक, वह वीडियो कॉल पर बेटी से बात कराने की जिद कर रहा था। पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी और उरकुरा में अपनी बहन के यहां गई हुई थी। इसके बावजूद आरोपी जबरदस्ती घर में घुस गया।
घर के अंदर मौजूद उसकी साली गीतांजलि ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन बात विवाद में बदल गई। आरोप है कि अचानक जितेंद्र ने कमर से पिस्टल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली लगते ही गीतांजलि जमीन पर गिर पड़ी। इसी बीच दूसरी बहन दुर्गेश्वरी छत से नीचे आई और खून से लथपथ बहन को देखकर चीख पड़ी। लेकिन आरोपी ने उस पर भी गोली चला दी। गोली उसकी गर्दन के पास लगी और वह भी मौके पर गिर गई।
मां सावित्री बाई ने बताया कि उन्होंने हाथ जोड़कर दामाद से बेटियों को छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन वह लगातार गोलियां चलाता रहा। घर कुछ ही सेकेंड में खून से भर गया और दोनों बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई। मां का दर्द छलक पड़ा जब उन्होंने कहा कि “मेरी बच्चियों को छोड़ मुझे ही मार देता।”
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा आरोपी की पत्नी खिलेश्वरी ने किया है। उसने बताया कि शादी के शुरुआती कुछ साल ठीक रहे, लेकिन नौकरी छूटने के बाद जितेंद्र का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह शराब पीने लगा, मारपीट करता था और चरित्र पर शक करता था। पत्नी का आरोप है कि आरोपी उसकी छोटी बहनों के साथ भी छेड़खानी कर चुका था, लेकिन परिवार टूटने के डर से वह सब कुछ सहती रही।
खिलेश्वरी ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी कई बार हथियार दिखाकर धमका चुका था और घर की दीवारों पर गोली चला चुका था। घटना से कुछ दिन पहले भी उसने बंदूक तानी थी, जिसके डर से वह अपनी बच्ची को लेकर बहन के घर चली गई थी। लेकिन इसी बीच आरोपी ने उसकी दोनों बहनों को मौत के घाट उतार दिया।
अब इस मामले में आरोपी के पास मौजूद लाइसेंसी पिस्टल भी जांच का बड़ा विषय बन गई है। पुलिस के अनुसार जितेंद्र ने साल 2020 में VIP सिक्योरिटी और निजी सुरक्षा का हवाला देकर हथियार का लाइसेंस हासिल किया था। यह लाइसेंस दिसंबर 2026 तक वैध था। सवाल यह उठ रहा है कि जिस व्यक्ति पर पहले से हिंसक व्यवहार और घरेलू विवादों के आरोप थे, उसे आखिर हथियार रखने की अनुमति कैसे मिल गई।
परिवार का दावा है कि आरोपी पहले भी कई बार फायरिंग कर चुका था और लोगों को धमकाता था। अब पुलिस जिले में जारी हथियार लाइसेंसों की समीक्षा की बात कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसक प्रवृत्ति वाले लोगों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
रायपुर का यह डबल मर्डर केस अब सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, हथियार लाइसेंस प्रणाली और घरेलू हिंसा जैसे कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पूरे शहर में इस घटना को लेकर गुस्सा है और लोग आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

