भारत सरकार ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पद पर डॉ. अशोक कुमार पंडा की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) द्वारा 06 मई 2026 को इस नियुक्ति को अनुमोदित किया गया। डॉ. पंडा वर्तमान में सेल में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत थे और अब उन्हें कंपनी के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक का दायित्व सौंपा गया है।
डॉ. अशोक कुमार पंडा अनुभवी वित्त विशेषज्ञ हैं, जिन्हें सेल में तकनीकी संचालन, वित्तीय प्रबंधन, रणनीतिक योजना, प्रशासन एवं संगठनात्मक प्रबंधन के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
विद्युत अभियांत्रिकी में स्नातक डिग्रीधारी डॉ. पंडा ने व्यवसाय प्रशासन में पीएच.डी. तथा वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उन्होंने 17 अगस्त 1992 को राउरकेला इस्पात संयंत्र में प्रबंध प्रशिक्षु (तकनीकी) के रूप में सेल में अपने करियर की शुरुआत की। प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने राउरकेला इस्पात संयंत्र के सीपीपी–1 विभाग में कनिष्ठ प्रबंधक के रूप में कार्य किया तथा क्रमशः प्रगति करते हुए सेल कॉर्पोरेट कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के पद तक पहुँचे।
जुलाई 2021 में डॉ. पंडा ने भिलाई इस्पात संयंत्र में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (वित्त एवं लेखा) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया, जहाँ उन्होंने वित्तीय प्रणालियों को सुदृढ़ करने एवं विभिन्न परिचालन पहलों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जून 2022 में उन्हें भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) के पद पर पदोन्नत किया गया। मार्च 2025 में वे सेल कॉर्पोरेट कार्यालय में कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) के रूप में पदस्थ हुए तथा 30 अप्रैल 2025 को निदेशक (वित्त), सेल का कार्यभार संभाला। इसके अतिरिक्त उन्होंने 01 जुलाई 2025 से 18 मार्च 2026 तक निदेशक (वाणिज्यिक) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। उन्होंने सेल की विभिन्न संयुक्त उपक्रम एवं सहायक कंपनियों के निदेशक मंडलों में नामित निदेशक के रूप में भी दायित्व निभाया है।
इसके साथ ही वित्तीय लेखांकन, लागत एवं बजट प्रबंधन, वार्षिक व्यवसाय योजना, परियोजना वाणिज्यिक गतिविधियों, कोषागार संचालन, कराधान तथा रणनीतिक प्रबंधन सहित वित्त के विविध क्षेत्रों में डॉ. पंडा को व्यापक विशेषज्ञता प्राप्त है।
अपने करियर में उन्होंने निरंतर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाया है। विद्युत अभियांत्रिकी में स्नातक उपाधि प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर से वित्त विषय में विशेषज्ञता सहित पूर्णकालिक पीजीडीएम किया तथा बाद में बिजनेस फाइनेंस में पीएच.डी. उपाधि अर्जित की।
अपने दीर्घ एवं विशिष्ट कार्यकाल के दौरान डॉ. पंडा सेल की अनेक महत्वपूर्ण वित्तीय एवं रणनीतिक पहलों से जुड़े रहे। उन्होंने कंपनी के ऋण भार को लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही संयंत्र स्तर पर तकनीकी अक्षमताओं की पहचान कर लागत नियंत्रण एवं सुधारात्मक कार्ययोजनाओं के माध्यम से परिचालन दक्षता बढ़ाने में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
डॉ. पंडा को एक प्रेरणादायी, समावेशी एवं टीम-उन्मुख नेतृत्वकर्ता के रूप में व्यापक पहचान प्राप्त है।