पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाल ली। कोलकाता में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस ऐतिहासिक मौके ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है।
शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड भाजपा समर्थकों से खचाखच भरा नजर आया और पूरे कार्यक्रम में जश्न का माहौल बना रहा।
समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai भी शामिल हुए। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी और उनकी नई मंत्रिपरिषद को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने विकास, सुशासन और बदलाव के पक्ष में अपना जनादेश दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार राज्य में पारदर्शिता और विकास आधारित कार्यसंस्कृति को मजबूत करेगी।
विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार का फायदा अब पश्चिम बंगाल को भी मिलेगा। उनके मुताबिक नई सरकार राज्य में रोजगार, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देगी, जिससे युवाओं, किसानों और महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
नई सरकार के गठन के बाद भाजपा नेताओं ने “सोनार बांग्ला” के संकल्प को दोहराया है। सुवेंदु अधिकारी ने भी शपथ लेने के बाद कहा कि उनकी सरकार विकास, कानून व्यवस्था और निवेश बढ़ाने पर फोकस करेगी। उन्होंने राज्य को नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ सरकार बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय बाद हुए बड़े सत्ता परिवर्तन का संकेत भी है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की और राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाई।
अब नई सरकार के सामने कानून व्यवस्था, रोजगार, औद्योगिक विकास और सीमा सुरक्षा जैसे कई बड़े मुद्दे होंगे। साथ ही जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना भी सुवेंदु अधिकारी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हालांकि भाजपा नेतृत्व का दावा है कि नई सरकार पश्चिम बंगाल को विकास की नई राह पर लेकर जाएगी।