छत्तीसगढ़ के चर्चित 12वीं बोर्ड हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड वेणु उर्फ वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर छात्रों से पैसे लेकर बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने और डिजिटल सबूत मिटाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी National Students’ Union of India से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है और बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का निवासी है। वह फिलहाल रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रहा था।
दरअसल, 12वीं बोर्ड का हिंदी प्रश्नपत्र 13 मार्च की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर वायरल हुआ था। इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को परीक्षा आयोजित हुई, लेकिन पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। बाद में 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए Chhattisgarh Police ने विशेष जांच टीम गठित की थी। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से डिलीट किए गए मोबाइल डेटा और चैट रिकॉर्ड रिकवर किए गए। जांच के दौरान पुलिस ने 50 से ज्यादा छात्रों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वेणु जंघेल छात्रों को करीब 3 हजार रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि पेपर सोशल मीडिया और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए फैलाया गया था। एक युवक शोभित द्वारा इसे कथित तौर पर “जीनियस एकेडमी” नाम के ग्रुप में वायरल किए जाने की बात भी सामने आई है।
गिरफ्तारी से पहले आरोपी लगातार लोकेशन बदल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर आखिरकार उसे बिलासपुर से पकड़ लिया गया।
चार दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने पेपर लीक नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।