छत्तीसगढ़ के Durg में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और अब तक इस मामले में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि आरोपी मोबाइल फोन और ऑनलाइन ऐप्स के जरिए संगठित तरीके से सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान इन लोगों के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने ऑनलाइन सट्टे से जुड़े होने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों की भी जानकारी सामने आई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 9 हजार 810 रुपए नकद, सट्टे का हिसाब-किताब लिखी पॉकेट डायरी और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 89 हजार 810 रुपए बताई जा रही है। पुलिस अब मोबाइल डेटा और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।
पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी ऋषभ नगर निवासी विकास जैन बताया जा रहा है। सूचना मिली थी कि वह आईपीएल मैचों के दौरान मोबाइल फोन और ऑनलाइन ऐप्स के जरिए हार-जीत पर दांव लगवा रहा है। जिस समय पुलिस को सूचना मिली, उस वक्त Indian Premier League में चेन्नई और दिल्ली के बीच मुकाबला चल रहा था। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर कार्रवाई की।
रेड के दौरान पुलिस ने मौके से विकास जैन, रौनक ताम्रकार और प्रवीण ताम्रकार को रंगे हाथों ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए पकड़ा था। इनके पास से मोबाइल फोन, नगदी रकम, पॉकेट डायरी और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई।
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विकास जैन, रौनक ताम्रकार, प्रवीण ताम्रकार, अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी शामिल हैं। सभी आरोपी दुर्ग शहर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है और ऑनलाइन सट्टे के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से करोड़ों रुपये का ऑनलाइन सट्टा कारोबार चला रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।