अमेरिका में Donald Trump की टैरिफ नीति को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति को गैरकानूनी ठहराए जाने के बाद अब अमेरिकी सरकार ने करीब 35.5 अरब डॉलर के रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह रकम उन कंपनियों और आयातकों को वापस की जा रही है, जिन्होंने पहले अतिरिक्त आयात शुल्क चुकाया था। खास बात यह है कि सरकार सिर्फ शुल्क ही नहीं, बल्कि उस पर ब्याज भी लौटा रही है।
जानकारी के मुताबिक यह भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और पहले चरण में बड़ी संख्या में आयातकों को राहत मिलने वाली है। अमेरिकी सरकार ने इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से दावों की जांच और भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार यह रिफंड करीब 80 लाख से अधिक आयात प्रविष्टियों से जुड़ा हुआ है। U.S. Customs and Border Protection के व्यापार कार्यक्रम विभाग के कार्यकारी निदेशक ब्रैंडन लॉर्ड ने बताया कि सोमवार तक लगभग 1.66 अरब डॉलर के रद्द किए गए शुल्कों से जुड़े करीब 87 हजार दावों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। इसके बाद अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से भुगतान जारी कर दिया गया।
20 अप्रैल से शुरू हुए CAPE यानी Consolidated Administration and Processing of Entries पोर्टल पर अब तक लगभग 1.26 लाख दावे दर्ज किए जा चुके हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया अभी लगातार जारी है और आगे भी हजारों मामलों की जांच की जाएगी।
दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा था कि ट्रंप प्रशासन ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट यानी IEEPA का गलत इस्तेमाल करते हुए आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। अदालत ने इसे कानून के दायरे से बाहर माना, जिसके बाद सरकार को पहले वसूले गए शुल्क वापस करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।
हालांकि अभी भी हजारों मामलों में भुगतान बाकी है। कोर्ट फाइलिंग के अनुसार करीब 1,880 रिफंड मामलों को ट्रेजरी विभाग तक नहीं भेजा जा सका है, क्योंकि संबंधित आयातकों ने अपने बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। वहीं कई मामलों को जटिल श्रेणी में रखा गया है, जिनकी जांच अलग चरणों में की जाएगी।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में सभी दावों का निपटारा संभव नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुछ आयातकों को पिछले सप्ताह ही शुरुआती भुगतान मिलने लगे थे, जिससे व्यापारिक कंपनियों और उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर अमेरिकी व्यापार नीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए टैरिफ को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और कई कंपनियों ने इसे व्यापार के लिए नुकसानदायक बताया था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कंपनियों को राहत मिलने के साथ-साथ अमेरिकी सरकार पर भी बड़ा वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।