Indian Premier League के रोमांच के बीच सोशल मीडिया पर एक नया AI ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। अब क्रिकेट फैंस Google के Google Gemini AI टूल की मदद से ऐसे वीडियो बना रहे हैं, जिनमें वे खुद लाइव IPL मैच के दौरान स्टेडियम में बैठे नजर आते हैं। ये वीडियो इतने रियलिस्टिक दिखाई देते हैं कि पहली नजर में लोग इन्हें असली टीवी ब्रॉडकास्ट समझ बैठते हैं।
Instagram और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हजारों यूजर्स अपने AI-generated IPL Fan-Cam वीडियो शेयर कर रहे हैं। इन वीडियो में लोग Royal Challengers Bengaluru, Chennai Super Kings, Mumbai Indians और दूसरी टीमों की जर्सी पहनकर स्टेडियम में मैच एन्जॉय करते दिखाई दे रहे हैं।
इस AI Trend की सबसे खास बात इसका लाइव ब्रॉडकास्ट जैसा लुक है। वीडियो में लाइव स्कोरबोर्ड, कैमरा जूम, स्टेडियम की फ्लडलाइट्स, LED ग्लो और फैंस की भीड़ को बेहद सिनेमैटिक अंदाज में दिखाया जाता है। कई वीडियो में ऐसा महसूस होता है जैसे स्पोर्ट्स चैनल का कैमरा अचानक दर्शकों के बीच बैठे किसी फैन पर फोकस कर रहा हो।
यह ट्रेंड मुख्य रूप से Google Gemini AI Prompt की मदद से बनाया जा रहा है। इसके लिए यूजर्स को सिर्फ अपनी एक फोटो अपलोड करनी होती है। इसके बाद एक खास Gemini Prompt इस्तेमाल किया जाता है, जो उस फोटो को लाइव IPL टेलीकास्ट जैसे वीडियो में बदल देता है।
इस वायरल Prompt में फेस डिटेल्स, हेयरस्टाइल, आउटफिट, स्टेडियम एनवायरमेंट और कैमरा एंगल्स को बेहद रियलिस्टिक तरीके से जोड़ा जाता है। इसमें लाइव स्कोरकार्ड, JioCinema स्टाइल इंटरफेस, रन रेट, बॉल स्पीड, वैगन व्हील और मोशन ब्लर जैसे इफेक्ट्स भी शामिल रहते हैं, जिससे पूरा वीडियो किसी असली मैच के रुके हुए फ्रेम जैसा दिखता है।
इस ट्रेंड के वायरल होने की सबसे बड़ी वजह इसका हाई एंगेजमेंट और रियलिस्टिक फैन एक्सपीरियंस माना जा रहा है। क्रिकेट फैंस अब खुद को बड़े मैचों का हिस्सा दिखाने के लिए तेजी से ऐसे AI वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन वीडियो को लाखों व्यूज और शेयर मिल रहे हैं।
अब यह ट्रेंड सिर्फ IPL तक सीमित नहीं रहा। यूजर्स फुटबॉल मैच, कॉन्सर्ट और दूसरे स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए भी इसी तरह के AI-generated Fan-Cam वीडियो बना रहे हैं। टेक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित पर्सनल एंटरटेनमेंट कंटेंट सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा ट्रेंड बन सकता है।
हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी सलाह दे रहे हैं कि AI-generated कंटेंट का इस्तेमाल जिम्मेदारी से किया जाए ताकि फेक वीडियो और गलत जानकारी फैलने जैसी समस्याओं से बचा जा सके।