छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय अफीम तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 15 लाख रुपए कीमत की अफीम, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि झारखंड से अफीम लाकर दुर्ग और आसपास के इलाकों में सप्लाई की जा रही थी।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब Kumhari थाना क्षेत्र में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग अवैध रूप से अफीम की खरीदी-बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। शुरुआती पूछताछ और तकनीकी जांच में तस्करी के नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी राजकेश्वर साहू से कई अहम जानकारियां मिलीं। इसके बाद मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया गया। इसी दौरान सुरेंद्र साहू उर्फ सुंदर साहू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 12 मई को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Surendra Sahu उर्फ सुंदर साहू और Rajkeshwar Sahu के रूप में हुई है। दोनों झारखंड के गुमला जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से झारखंड से मादक पदार्थ लाकर दुर्ग और छत्तीसगढ़ के अन्य इलाकों में बेच रहे थे।
Satyaprakash Tiwari ने बताया कि कार्रवाई कुम्हारी और बीएसपी कॉलोनी क्षेत्र में की गई। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं, इसलिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 18(ख), 27(क) और 29 के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है और अब पुलिस तस्करी से जुड़े बाकी नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस का मानना है कि यह केवल शुरुआत है और जांच आगे बढ़ने पर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है।