NASA एक बार फिर इंसानों को चांद पर भेजने की तैयारी में जुटा है, लेकिन उसके महत्वाकांक्षी Artemis III मिशन को नया झटका लग सकता है। अमेरिकी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिक्ष यात्रियों के लिए तैयार किए जा रहे नए स्पेस सूट समय पर नहीं बन पाएंगे और इनमें 2031 तक की देरी हो सकती है। हालांकि नासा प्रशासन का कहना है कि 2028 तक इन्हीं अत्याधुनिक सूट्स में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे।
इन नए स्पेस सूट्स को Axiom Space तैयार कर रही है। खास बात यह है कि इटली की मशहूर फैशन कंपनी Prada भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी हुई है और उसने सूट के फैब्रिक तथा डिजाइन पर काम किया है।
नासा के नए xEMU स्पेस सूट को पुराने अपोलो मिशन वाले सूट्स से कहीं ज्यादा एडवांस बनाया जा रहा है। इसमें ऐसा लिक्विड कूलिंग सिस्टम होगा जो अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर का तापमान नियंत्रित रखेगा। सूट के अंदर विशेष अंडरगारमेंट लगाया जाएगा, जिससे चंद्रमा की कठोर परिस्थितियों में भी शरीर सुरक्षित रहेगा।
इस सूट की सबसे बड़ी खासियत इसके स्मार्ट जूते हैं। ये जूते चंद्रमा की सतह पर बेहतर पकड़ देंगे, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को अपोलो मिशन की तरह उछल-उछलकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे चंद्रमा पर चलना काफी आसान और सुरक्षित होगा।
सूट में एक एडवांस वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी दिया जा रहा है, जो लगभग 8 घंटे तक टॉयलेट बैकअप देगा। यानी अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक बिना सूट उतारे मिशन जारी रख सकेंगे। इसके अलावा यह सूट माइनस 200 डिग्री तक की अत्यधिक ठंड में भी सुरक्षा प्रदान करेगा।
चंद्रमा की सतह पर मौजूद धूल बेहद महीन, नुकीली और कांच जैसे कणों वाली होती है। ऐसे में नए सूट के बाहरी फैब्रिक को खास तरीके से डिजाइन किया गया है ताकि चंद्र धूल कम चिपके और सूट को नुकसान न पहुंचे।
नए डिजाइन में ‘रियर एंट्री सिस्टम’ भी होगा। यानी अंतरिक्ष यात्री पीछे की ओर से सूट में प्रवेश करेंगे, जिससे इसे पहनना और उतारना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।
इस बार नासा ने सूट डिजाइन में महिला अंतरिक्ष यात्रियों का भी खास ध्यान रखा है। अपोलो मिशन के दौरान सूट मुख्य रूप से पुरुषों के हिसाब से बनाए गए थे, लेकिन नए xEMU सूट पुरुष और महिला दोनों के लिए उपयुक्त होंगे।
सूट का हेलमेट भी पूरी तरह हाईटेक होगा। इसमें HD कैमरा, LED लाइट्स और 4G/LTE कम्युनिकेशन सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे चंद्रमा से बेहतर वीडियो रिकॉर्डिंग और सीधा संपर्क संभव हो सकेगा।
रिपोर्ट के अनुसार देरी की एक बड़ी वजह यह है कि इन सूट्स को ऐसी तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है जो चंद्रमा की सतह और अंतरिक्ष की भारहीन स्थिति दोनों में बेहतर काम कर सके। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट पर Collins Aerospace भी काम कर रही थी, लेकिन बाद में कंपनी अलग हो गई। इसके बाद पूरा प्रोजेक्ट अकेले Axiom Space के जिम्मे आ गया, जिससे टेस्टिंग और डेवलपमेंट की प्रक्रिया धीमी पड़ गई।
Artemis III मिशन के तहत पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने की योजना है। नासा का उद्देश्य वहां भविष्य में स्थायी बेस तैयार करना और लंबे समय तक मानव मिशन संचालित करना है।