केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान रायपुर में बड़ा सुरक्षा और जनसुविधा अभियान शुरू किया। राजधानी रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने डायल 112 सेवा के लिए 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई व्यवस्था के बाद अब अपराध, मेडिकल इमरजेंसी और आगजनी जैसी सभी आपात स्थितियों के लिए लोगों को सिर्फ एक ही नंबर पर मदद मिलेगी।
रायपुर में कार्यक्रम खत्म होते ही अमित शाह बस्तर के लिए रवाना हो गए। उनका यह दौरा सुरक्षा, विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बस्तर पहुंचने के बाद वे सबसे पहले अमर वाटिका जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे वीर शहीद गुंडाधुर के गांव नेतानार पहुंचेंगे, जहां जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे।
रायपुर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डायल-112 सेवा को “एक्के नंबर, सब्बो बर” थीम के साथ शुरू किया गया है। इस सेवा में पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल इमरजेंसी को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है। यानी अब किसी भी आपात स्थिति में अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी।
इन 400 नए वाहनों को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इनमें GPS सिस्टम, डैश कैम, PTZ कैमरा, वायरलेस रेडियो और सोलर बैकअप जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग और तेज रिस्पॉन्स संभव हो सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे पुलिस सहायता पहले की तुलना में ज्यादा तेजी और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार इस सेवा का विस्तार पूरे प्रदेश में कर रही है। डिप्टी सीएम Vijay Sharma के मुताबिक अब तक यह सेवा सिर्फ 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है। सभी थानों को डायल-112 नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे आपातकालीन हालात में बेहतर रिस्पॉन्स मिल सकेगा।
इस दौरे के दौरान राज्य सरकार अपराध जांच व्यवस्था को भी तकनीकी रूप से मजबूत करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी शुरू की जाएंगी। इन वाहनों में अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच संभव होगी। इससे अपराधों की विवेचना में तेजी आने और जांच की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह बस्तर के जगदलपुर पहुंचे, जहां उनका फोकस सुरक्षा और विकास दोनों पर रहेगा। नेतानार में वे जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। खास बात यह है कि सरकार अब बस्तर के सुरक्षा कैंपों को सुविधा केंद्रों में बदलने की योजना पर काम कर रही है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब तेजी से नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है और आने वाले समय में सुरक्षा कैंपों को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नेतानार में इसकी शुरुआत की जा रही है।
अमित शाह जगदलपुर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों और सुरक्षा अभियानों की समीक्षा भी करेंगे। बादल अकादमी में आयोजित बैठकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
शाम को अमित शाह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और “बस्तर के संग” नाम से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक लोक कला और संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी।
दौरे का सबसे अहम हिस्सा 19 मई को होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक मानी जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
हालांकि अमित शाह के इस दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। PCC चीफ Deepak Baij ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वर्चुअल बैठक संभव थी तो इतने बड़े दौरे पर लाखों रुपए खर्च करने की क्या जरूरत थी।
फिलहाल अमित शाह का यह दौरा सुरक्षा और विकास के एजेंडे को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। खासकर बस्तर में जनसुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।