भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली के चलते BSE Sensex और Nifty 50 बुरी तरह टूट गए थे, लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में बाजार ने शानदार वापसी करते हुए निवेशकों को राहत दी। एक समय सेंसेक्स करीब 1200 अंक तक फिसल गया था, लेकिन बाद में आईटी और फार्मा शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार हरे निशान में लौट आया।
दोपहर बाद कारोबार में सेंसेक्स 141 अंकों की बढ़त के साथ 75,379 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी बढ़त लेकर 23,669 के स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 74,180 तक गिर गया था और निफ्टी 23,317 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में यह वापसी मुख्य रूप से वैल्यू बाइंग के कारण देखने को मिली। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 3.5% और निफ्टी करीब 4% टूट चुका था। ऐसे में निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का मौका देखा और बाजार में तेजी लौट आई।
आईटी सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया। Tech Mahindra के शेयर 3% से ज्यादा उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर बने। इसके अलावा Infosys, Wipro और HCLTech में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
फार्मा सेक्टर में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। Gland Pharma के शेयर 13% से ज्यादा चढ़ गए। कंपनी ने मार्च तिमाही में मुनाफे में करीब 97% की बढ़ोतरी दर्ज की, जिसके बाद निवेशकों ने जोरदार खरीदारी की।
हालांकि कई बड़े शेयरों में दबाव बना रहा। Tata Steel के शेयर लगभग 5% टूट गए क्योंकि कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे। वहीं Power Grid Corporation of India में भी करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई।
ऑटो सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। Bajaj Auto, Maruti Suzuki और Eicher Motors के शेयरों में 1.5% से 2% तक की गिरावट आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.5% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.5% तक टूट गए।
हालांकि निवेशकों को थोड़ी राहत तब मिली जब इंडिया VIX यानी बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडेक्स 20.05 से घटकर 19.51 पर आ गया। इसे बाजार में डर कम होने का संकेत माना जा रहा है।
वैश्विक संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 1.5% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जिससे दुनियाभर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ी हुई है।
इसके बावजूद भारतीय बाजार ने जिस तरह दिन के आखिर में शानदार रिकवरी दिखाई, उससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक वापस लौटा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव ज्यादा नहीं बढ़ता, तो आने वाले दिनों में बाजार में और स्थिरता देखने को मिल सकती है।