Bharti Airtel ने भारतीय शेयर बाजार में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में एयरटेल ने HDFC Bank को पीछे छोड़ते हुए भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है। अब एयरटेल से आगे सिर्फ Reliance Industries है, जो अभी भी देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है।
सोमवार को एयरटेल के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर करीब 2 प्रतिशत चढ़कर 1,953.8 रुपए तक पहुंच गया। इस तेजी के बाद एयरटेल का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 12 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया।
दूसरी ओर HDFC बैंक का मार्केट कैप करीब 11.8 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल के मजबूत डिजिटल विस्तार और भविष्य की योजनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
पिछले एक सप्ताह में एयरटेल के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। वहीं इसी अवधि में HDFC बैंक के शेयर सिर्फ 1 प्रतिशत ही बढ़ पाए। बैंक के शेयरों पर दबाव तब और बढ़ गया जब इसके पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty ने इस्तीफा दे दिया। पिछले छह महीनों में HDFC बैंक के शेयर करीब 22 प्रतिशत तक टूट चुके हैं।
हालांकि एयरटेल के हालिया तिमाही नतीजों में मुनाफे में गिरावट देखने को मिली। वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 33.5 प्रतिशत घटकर 7,325 करोड़ रुपए रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 11,021.8 करोड़ रुपए था।
इसके बावजूद कंपनी की आय में मजबूत बढ़त देखने को मिली। एयरटेल का ऑपरेशनल रेवेन्यू 15.6 प्रतिशत बढ़कर 55,383.2 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 47,876.2 करोड़ रुपए था।
तिमाही आधार पर भी कंपनी की स्थिति मजबूत रही। कंपनी का मुनाफा 10.4 प्रतिशत और राजस्व 2.5 प्रतिशत बढ़ा। भारत में एयरटेल की आय सालाना आधार पर 7.7 प्रतिशत बढ़कर 39,566 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
कंपनी के मोबाइल कारोबार में भी मजबूती देखने को मिली। मोबाइल सर्विस से होने वाली आय में 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका बड़ा कारण ग्राहकों की संख्या में वृद्धि और बेहतर रियलाइजेशन माना जा रहा है।
एयरटेल का ARPU यानी Average Revenue Per User भी बढ़कर 257 रुपए तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 245 रुपए था। विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ता ARPU कंपनी की मजबूत कमाई और बेहतर ग्राहक गुणवत्ता का संकेत देता है।
एयरटेल अब आने वाले समय में अपने कारोबार को तेजी से विस्तार देने की तैयारी में है। कंपनी अगले 18 से 24 महीनों के भीतर 56 एज डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन Gopal Vittal ने बताया कि एयरटेल डेटा सेंटर बिजनेस, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज यानी NBFC सेक्टर पर खास फोकस करेगी।
कंपनी पहले ही NBFC कारोबार में 20,000 करोड़ रुपए निवेश करने की घोषणा कर चुकी है। माना जा रहा है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं पर बढ़ता फोकस एयरटेल को भविष्य में और मजबूत बना सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल सेवाओं, इंटरनेट उपयोग और AI आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग का एयरटेल को बड़ा फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।