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रोम पहुंचे पीएम मोदी, जॉर्जिया मेलोनी ने कहा “Welcome My Friend”, भारत-इटली रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

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प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के विदेश दौरे के आखिरी चरण में मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “Welcome my friend”, जिसके बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बन गई।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक राजनयिक बैठक नहीं, बल्कि भारत और इटली के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का बड़ा संकेत मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में तेजी से गहराई आई है और रक्षा, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

बताया जा रहा है कि पिछले चार वर्षों में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी सात बार अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों और द्विपक्षीय बैठकों में मुलाकात कर चुके हैं। लगातार हो रहे इस संवाद को बदलती वैश्विक राजनीति के बीच भारत और यूरोप की नई रणनीतिक साझेदारी के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत जहां यूरोप में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहता है, वहीं इटली भी एशिया की तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति भारत के साथ अपने रिश्तों को नई दिशा देने में दिलचस्पी दिखा रहा है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा सहयोग को लेकर बड़े स्तर पर बातचीत हो रही है।

रोम पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-इटली सहयोग को और मजबूत करना है। बातचीत के दौरान “इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर” यानी IMEC और “इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर” को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

इस परियोजना का उद्देश्य हिंद महासागर से लेकर यूरोप तक सुरक्षित समुद्री व्यापार मार्ग और रणनीतिक कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार करना है। माना जा रहा है कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकता है।

सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग भी बैठक का अहम हिस्सा रहा। दोनों देशों ने आतंकवाद को फंडिंग देने वाले नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर संयुक्त कार्रवाई को लेकर सहमति जताई। इससे पहले जी20 सम्मेलन के दौरान भारत और इटली ने आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए संयुक्त पहल शुरू की थी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर भी दोनों देशों के बीच बड़ा सहयोग उभरता दिखाई दे रहा है। भारत की “ह्यूमन सेंट्रिक एआई” सोच और इटली के “एल्गोर-एथिक्स” मॉडल को साथ जोड़कर नई तकनीकी साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी की यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत की बढ़ती भूमिका और यूरोप के साथ मजबूत हो रहे संबंधों का बड़ा संकेत है।

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