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Ola Electric को FY26 में ₹1833 करोड़ का घाटा, फिर भी कंपनी ने घटाया नुकसान; एक साल में शेयर 29% टूटा

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Ola Electric ने वित्त वर्ष 2025-26 और मार्च तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को मार्च 2026 तिमाही में करीब 500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कंपनी ने अपने घाटे में कमी जरूर दर्ज की है, लेकिन रेवेन्यू में भारी गिरावट और शेयरों में लगातार कमजोरी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।

कंपनी के मुताबिक जनवरी से मार्च 2026 के बीच हुए चौथी तिमाही के कारोबार में नेट लॉस 500 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 870 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यानी सालाना आधार पर कंपनी ने अपने घाटे को लगभग 42 प्रतिशत तक कम किया है।

हालांकि तिमाही आधार पर तस्वीर उतनी सकारात्मक नहीं रही। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का घाटा 487 करोड़ रुपये था, जो मार्च तिमाही में बढ़कर 500 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पिछली तिमाही की तुलना में नुकसान में करीब 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा है। मार्च तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेशंस रेवेन्यू घटकर सिर्फ 265 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 611 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी की आय में सालाना आधार पर 56 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है।

अगर पिछली तिमाही से तुलना करें तो दिसंबर तिमाही के 470 करोड़ रुपये के मुकाबले मार्च तिमाही में रेवेन्यू करीब 44 प्रतिशत तक गिर गया। कंपनी की कुल आय भी 728 करोड़ रुपये से घटकर 304 करोड़ रुपये पर आ गई है।

कमजोर कमाई के बीच कंपनी ने अपने खर्चों में भारी कटौती की है। मार्च तिमाही में कुल खर्च 546 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में खर्च 1306 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने खर्चों में 58 प्रतिशत से ज्यादा की कमी की है। पिछली तिमाही की तुलना में भी खर्च करीब 26 प्रतिशत घटे हैं।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेशंस रेवेन्यू 2253 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 4514 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग आधा हो गया। हालांकि पूरे साल का नेट लॉस 2276 करोड़ रुपये से घटकर 1833 करोड़ रुपये पर आ गया, जिससे कंपनी को कुछ राहत जरूर मिली है।

कंपनी ने यह भी कहा है कि वह अपनी नकदी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भविष्य की फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी QIP के जरिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है।

शेयर बाजार में भी ओला इलेक्ट्रिक का प्रदर्शन दबाव में बना हुआ है। कंपनी का शेयर आज मामूली गिरावट के साथ 36.50 रुपये पर बंद हुआ। पिछले छह महीनों में शेयर करीब 13 प्रतिशत टूटा है, जबकि एक साल में इसमें लगभग 29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

2017 में स्थापित ओला इलेक्ट्रिक का मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है। कंपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर, बैटरी पैक, मोटर और अन्य EV कंपोनेंट्स का निर्माण करती है। ओला की फ्यूचर फैक्ट्री देश की बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण इकाइयों में गिनी जाती है।

अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी अपने घाटे को कम करने और बिक्री बढ़ाने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाती है।

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