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शेयर बाजार में दिनभर चला उतार-चढ़ाव का खेल, शुरुआती तेजी के बाद सेंसेक्स 750 अंक टूटा

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घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआत बेहद शानदार रही, लेकिन कारोबार बढ़ने के साथ बाजार में अचानक जोरदार बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार का पूरा रुख बदल गया और सेंसेक्स दिन की ऊंचाई से करीब 750 अंक टूटकर बंद हुआ।

सुबह कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 600 से ज्यादा अंक चढ़कर 75,945.79 तक पहुंच गया था। वहीं NIFTY 50 भी करीब 200 अंकों की मजबूती के साथ 23,859.90 के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि दोपहर तक बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया और दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में आ गए।

करीब दोपहर 2 बजे सेंसेक्स 154 अंक की गिरावट के साथ 75,163.77 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी मामूली कमजोरी के साथ 23,654.35 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक की संभावित सख्ती को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Reserve Bank of India रुपये को संभालने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी जैसे कदमों पर विचार कर सकता है। बताया गया कि RBI गवर्नर Sanjay Malhotra समेत शीर्ष अधिकारियों ने हाल में कई अहम बैठकें की हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपये के 97 के करीब पहुंचने के बाद केंद्रीय बैंक अतिरिक्त करेंसी स्वैप और विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा कर रहा है। ब्याज दर बढ़ने की संभावना ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें कंपनियों के लिए कर्ज महंगा कर देती हैं और बाजार में नकदी कम हो जाती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी स्थिति में निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। यही वजह रही कि दिन चढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली बढ़ती चली गई।

इसके अलावा पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार तेजी के बाद गुरुवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की। बुधवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसके बाद कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करना बेहतर समझा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने बुधवार को करीब 1,597 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। लगातार विदेशी बिकवाली से बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता है और रुपये पर भी दबाव बढ़ता है।

ग्लोबल बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई इंडेक्स और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहे, जबकि अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी दबाव में कारोबार करते नजर आए।

शेयरों की बात करें तो Ola Electric के शेयर करीब 4 फीसदी टूट गए। कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजों और ब्रोकरेज की ओर से ग्रोथ व मार्जिन को लेकर चिंता जताने के बाद निवेशकों ने बिकवाली की। वहीं Lenskart के शेयर करीब 6 फीसदी तक चढ़ गए। कंपनी ने मार्च तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 46 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

अब बाजार की नजर आने वाले दिनों में RBI के अगले कदम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और ग्लोबल संकेतों पर टिकी हुई है।

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