Jaish-e-Mohammed को पाकिस्तान की धरती पर बड़ा झटका लगा है। वर्ष 2019 के Pulwama attack के कथित मुख्य साजिशकर्ता और जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर हमजा बुरहान की पाकिस्तान के रावलपिंडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि यह हमला रावलपिंडी के एक सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुआ। स्थानीय मीडिया और खुफिया सूत्रों के अनुसार हमजा बुरहान मस्जिद से नमाज पढ़कर बाहर निकल रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश हमलावरों ने उस पर स्वचालित हथियारों से हमला कर दिया।
हमले की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसके निजी सुरक्षाकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हमलावरों का कोई सुराग सामने नहीं आया है।
हमजा बुरहान लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और National Investigation Agency की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर पुलवामा हमले की साजिश रचने, विस्फोटकों की व्यवस्था करने और आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को ट्रेनिंग देने का आरोप था।
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क पर बड़ा अभियान चलाया था और कई आतंकियों को चिन्हित किया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा बुरहान पाकिस्तान में लगातार लोकेशन बदलकर रह रहा था और कथित तौर पर कड़ी सुरक्षा के बीच छिपा हुआ था। इसके बावजूद उसकी हत्या ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में कई वांछित आतंकियों और चरमपंथी संगठनों से जुड़े लोगों की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। हमजा बुरहान की मौत के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों के बीच भी खौफ का माहौल बताया जा रहा है।
फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है और पाकिस्तानी एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं।