फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए स्पेन ने अपनी 26 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है और सबसे ज्यादा चर्चा 18 वर्षीय युवा स्टार लामिन यमाल को लेकर हो रही है। चोट की चिंता के बावजूद स्पेनिश कोच लुइस डे ला फुएंते ने यमाल पर भरोसा जताया है। फुटबॉल जगत में इस फैसले को बड़ा दांव माना जा रहा है, क्योंकि यमाल को मौजूदा समय में दुनिया के सबसे खतरनाक युवा खिलाड़ियों में गिना जा रहा है।
यूएसए, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून से होगी। यूरो 2024 का खिताब जीतकर दुनिया को अपनी ताकत दिखा चुकी स्पेनिश टीम अब विश्व कप पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। टीम का संतुलन अनुभव और युवा जोश का जबरदस्त मिश्रण माना जा रहा है।
बार्सिलोना के स्टार विंगर लामिन यमाल चोट से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल किया गया है। हालांकि खबरें यह भी हैं कि वे ग्रुप स्टेज का पहला मुकाबला मिस कर सकते हैं। बावजूद इसके स्पेनिश टीम प्रबंधन मानता है कि यमाल टूर्नामेंट में बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं। उनकी स्पीड, ड्रिब्लिंग और अटैकिंग क्षमता विपक्षी टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जा रही है।
स्पेन को एक बड़ा झटका मिडफील्डर फर्मिन लोपेज के रूप में लगा है। पैर में फ्रैक्चर के कारण उनकी सर्जरी हुई और अब वे पूरे वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद स्पेन का मिडफील्ड बेहद मजबूत दिखाई दे रहा है। पेद्री, रोड्री और फैबियन रुइज जैसे स्टार खिलाड़ी टीम की रीढ़ माने जा रहे हैं। ये खिलाड़ी मैच का टेम्पो नियंत्रित करने और विपक्षी टीम को दबाव में रखने की क्षमता रखते हैं।
अटैकिंग लाइन में भी स्पेन बेहद खतरनाक नजर आ रही है। निको विलियम्स, दानी ओल्मो और फेरान टोरेस जैसे खिलाड़ी अपनी रफ्तार और क्रिएटिविटी से किसी भी डिफेंस को तोड़ने की क्षमता रखते हैं। स्पेनिश टीम इस बार तेज आक्रमण और हाई प्रेसिंग फुटबॉल के साथ मैदान में उतर सकती है।
वर्ल्ड कप से पहले स्पेन अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दो फ्रेंडली मैच भी खेलेगी। टीम 4 जून को इराक और 8 जून को पेरू के खिलाफ अभ्यास मुकाबले खेलेगी। इन मैचों में कोच अपनी अंतिम रणनीति और खिलाड़ियों की फिटनेस पर नजर रखेंगे।
स्पेन को ग्रुप-H में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला केप वर्डे, सऊदी अरब और उरुग्वे जैसी टीमों से होगा। स्पेन अपना पहला मुकाबला 14 जून को केप वर्डे के खिलाफ खेलेगी। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन इस ग्रुप की सबसे मजबूत टीम है, लेकिन उरुग्वे जैसी अनुभवी टीम उसे कड़ी चुनौती दे सकती है।
स्पेन की घोषित टीम में गोलकीपर के तौर पर उनाई सिमोन, डेविड राया और जोन गार्सा को जगह मिली है। डिफेंस में मार्क कुकुरेला, एलेजांद्रो ग्रिमाल्डो, आयमेरिक लापोर्टे और पेड्रो पोरो जैसे नाम शामिल हैं। वहीं मिडफील्ड में रोड्री, पेद्री, गेवी और मिकेल मेरिनो जैसे सितारे मौजूद हैं। फॉरवर्ड लाइन में दानी ओल्मो, निको विलियम्स, फेरान टोरेस और लामिन यमाल जैसे मैच विनर खिलाड़ियों पर नजरें टिकी रहेंगी।
अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या स्पेन यूरो 2024 की सफलता को दोहराते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 भी जीत पाएगा या नहीं। और सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि चोट से जूझ रहे लामिन यमाल क्या मैदान पर उतरकर इतिहास रच पाएंगे?