भारत की चर्चित एडटेक कंपनी Byju’s एक बार फिर गंभीर विवादों में फंस गई है। कंपनी के संस्थापक Byju Raveendran को सिंगापुर की अदालत ने अवमानना मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि कोर्ट ने कई बार आदेश जारी करने के बावजूद उनका पालन नहीं करने को गंभीर मानते हुए यह फैसला दिया। इस कार्रवाई के बाद एक समय भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप्स में गिनी जाने वाली Byju’s की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंगापुर कोर्ट ने बायजू रवींद्रन को अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही करीब 90 हजार सिंगापुर डॉलर कानूनी खर्च के तौर पर जमा करने और Beeaar Investco Pte कंपनी में अपनी हिस्सेदारी से जुड़े दस्तावेज सौंपने को भी कहा गया है। यह कंपनी एक संबंधित फर्म में शेयर होल्डिंग से जुड़ी बताई जा रही है और अदालत इस मामले में पूरी वित्तीय जानकारी चाहती है।
दरअसल, Byju’s पिछले काफी समय से आर्थिक संकट और कानूनी विवादों से जूझ रही है। कभी अरबों डॉलर की वैल्यूएशन हासिल करने वाली यह कंपनी अब निवेशकों, कर्जदाताओं और अदालतों के दबाव में दिखाई दे रही है। अमेरिका समेत कई देशों में कंपनी के खिलाफ कानूनी लड़ाइयां चल रही हैं। खासतौर पर 1.2 बिलियन डॉलर के लोन विवाद ने कंपनी की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। इस मामले में लगातार जांच और कोर्ट की निगरानी जारी है।
सिंगापुर में शुरू हुई यह कानूनी कार्रवाई कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की एक सहयोगी कंपनी की ओर से दायर की गई थी। उस दौरान Byju’s अपने कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही थी और बिजनेस री-स्ट्रक्चरिंग के दौर से गुजर रही थी। निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने वित्तीय मामलों में पारदर्शिता नहीं दिखाई और कई जरूरी जानकारियां समय पर साझा नहीं की गईं।
इससे पहले दिसंबर 2025 में अमेरिका की डेलावेयर कोर्ट ने भी बायजू रवींद्रन को बड़ा झटका दिया था। कोर्ट ने उनके खिलाफ दिए गए 1 बिलियन डॉलर के फैसले पर दोबारा सुनवाई के आदेश दिए थे। अदालत का मानना था कि नुकसान का सही आकलन नहीं किया गया है। वहीं, बायजू की लीगल टीम लगातार यह दावा करती रही है कि कुछ कर्जदाताओं ने अहम जानकारियां छिपाईं, जिसकी वजह से कंपनी की स्थिति और खराब हुई।
एक समय ऑनलाइन एजुकेशन सेक्टर का सबसे बड़ा नाम मानी जाने वाली Byju’s अब लगातार कानूनी संकट, भारी कर्ज, निवेशकों के विवाद और गिरती साख से जूझ रही है। सिंगापुर कोर्ट का यह फैसला केवल बायजू रवींद्रन के लिए ही नहीं बल्कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कंपनी आने वाले समय में इन कानूनी और आर्थिक चुनौतियों से कैसे बाहर निकलती है।