प्रतिष्ठित Norway Chess टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन D Gukesh और R Praggnanandhaa को हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिला वर्ग में Divya Deshmukh ने शानदार जीत दर्ज कर भारत का मान बढ़ाया।
दूसरे राउंड के बाद Alireza Firouzja 6 अंकों के साथ ओपन कैटेगरी में टॉप पर पहुंच गए हैं। वहीं गुकेश और Wesley So 2.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। महिला वर्ग में Bibisara Assaubayeva 4.5 अंकों के साथ शीर्ष पर बनी हुई हैं।
दुनिया के नंबर-1 युवा खिलाड़ियों में शामिल डी गुकेश ने अमेरिका के वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मुकाबले में लंबे समय तक दबदबा बनाए रखा। 116 चालों तक चले इस रोमांचक मुकाबले में गुकेश जीत के बेहद करीब दिखाई दे रहे थे, लेकिन आखिर में मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इसके बाद हुए निर्णायक आर्मगेडन मुकाबले में वेस्ली सो ने बाजी मार ली।
मैच के बाद वेस्ली सो का बयान भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि गुकेश का खेल उनकी विश्व रैंकिंग जैसा नहीं दिखा। इस टिप्पणी ने शतरंज जगत में नई बहस छेड़ दी है।
उधर R Praggnanandhaa को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। शुरुआती चरण में प्रज्ञानानंदा बेहतर स्थिति में थे, लेकिन फिरोजा ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। लगातार दूसरी जीत के साथ फिरोजा अब अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं।
वहीं डिफेंडिंग चैंपियन Magnus Carlsen को भी जर्मनी के Vincent Keymer ने कड़ी चुनौती दी। दोनों के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मगेडन में कार्लसन ने जीत हासिल कर अपनी बादशाहत कायम रखी।
महिला वर्ग में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशी दिव्या देशमुख की जीत रही। उन्होंने अनुभवी भारतीय ग्रैंडमास्टर Koneru Humpy को आर्मगेडन मुकाबले में हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ दिव्या संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं।
दिव्या ने मैच के बाद कहा कि उन्हें नॉर्वे चेस का आर्मगेडन फॉर्मेट और “कन्फेशन रूम” का अनुभव बेहद पसंद आ रहा है। इस खास फीचर में खिलाड़ी मुकाबले के दौरान अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं, जिससे मैच और ज्यादा रोमांचक बन जाता है।
नॉर्वे चेस के शुरुआती दौर में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है और आने वाले राउंड्स में सभी की नजरें गुकेश, प्रज्ञानानंदा और दिव्या देशमुख पर टिकी रहेंगी।