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85 हजार शिक्षकों को दिलाना होगा टेट : कर्मचारी चयन बोर्ड के स्थान पर विभागीय परीक्षा की तैयारी

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रायपुर – प्रदेश के 85 हजार शिक्षकों को वेतनवृद्धि अथवा पदोन्नति के लिए टेट दिलानी होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश देते हुए सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। अब तक व्यापम शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करता आ रहा है। व्यापम का स्थान अब कर्मचारी चयन बोर्ड लेगा। भविष्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा किया जाएगा, लेकिन कार्यरत शिक्षकों के लिए परीक्षा विभागीय स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। 

85 हजार शिक्षक टेट से वंचित
इसके पूर्व लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 13 मार्च 2026 को सभी संयुक्त संचालकों व जिला शिक्षा अधिकारियों से उन शिक्षकों की जानकारी मांगी गई थी, जो शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या लगभग 85 हजार है। टेट अनिवार्य करने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 मई को दिए गए निर्णय के अनुसार, संबंधित राज्यों और सक्षम अधिकारियों को समय-समय पर टेट आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

समय-सीमा में वृद्धि
कोर्ट ने राहत देते हुए परीक्षा पास करने की समय-सीमा को 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है। लेकिन अन्य प्रावधानों में छूट नहीं दी गई है। सेवानिवृत्ति से जुड़े नियमजिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उन्हें इस परीक्षा से छूट दी गई है। जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक शेष है, उनके लिए टेट पास करना पूर्णतया अनिवार्य है और ऐसा न करने पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

ऑफलाइन परीक्षा की मांग

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने जुलाई माह में विभागीय स्तर पर शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का आग्रह किया है। शिक्षक संघ के अनुसार, 6 माह के अंतराल में यदि प्रत्येक वर्ष 2 बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाए तो योग्य शिक्षकों को कानूनी जरूरत को पूरा करने का सही मौका मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा ने, विभागीय सीमित टेट पात्रता परीक्षा के आयोजन से न्यायालय व शासन की जटिलताएं पूरी तरह दूर हो जाएंगी। 

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए एसोसिएशन के सुझाव
एसोसिएशन ने शासन को सुझाव दिया है कि, शिक्षकों की सुविधा के लिए प्रत्येक विकासखंड की 5-7 बड़ी शालाओं या संकुल शालाओं को परीक्षा केंद्र बनाया जाए, ताकि शिक्षक अपनी निकटस्थ शाला में आसानी से परीक्षा दे सकें। परीक्षा के अंतर्गत पेपर-। एवं पेपर-। दोनों आयोजित किए जाएं। शिक्षक पात्रता परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन आयोजित की जाए। चूंकि यह सेवाकालीन शिक्षकों के लिए आयोजित पात्रता परीक्षा है, इसलिए न्यूनतम उत्तीर्णांक निर्धारित किया जाए।

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