रायपुर – सुशासन तिहार 2026 के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की दो प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। रायगढ़ में मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु देवांगन को विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया, वहीं धमतरी में माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान हासिल करने वाली कुमारी कुसुम लता बिप्रे को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रायगढ़ के निशानेबाज दिव्यांशु ने विश्व मंच पर बढ़ाया प्रदेश का मान
सुशासन तिहार के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्ट्रेट स्थित सृजन सभाकक्ष में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु देवांगन को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें मेडल पहनाकर और पुरस्कार भेंट कर उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। दिव्यांशु ने मिस्र की राजधानी कायरो में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2026 की 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने प्रतियोगिता में विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
मेहनत और अनुशासन से हासिल की ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु के माता-पिता और दादी से मुलाकात कर उन्हें भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु की सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी अपने परिश्रम, अनुशासन और लगन के दम पर विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने भी दिव्यांशु को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी।
विश्व रिकॉर्ड ने रचा नया इतिहास
कायरो में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के खिलाड़ियों के बीच दिव्यांशु ने शानदार प्रदर्शन किया। उनकी एकाग्रता और आत्मविश्वास ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाने के साथ नया विश्व रिकॉर्ड भी दिलाया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
धमतरी की बेटी कुसुम लता बनी ग्रामीण प्रतिभा की मिसाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने धमतरी प्रवास के दौरान ग्राम कंडेल की मेधावी छात्रा कुसुम लता बिप्रे को सम्मानित किया। सीमित संसाधनों के बावजूद कुसुम लता ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा आगे की पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा के लिए टैबलेट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बनी कुसुम लता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, परिवार के संस्कार और छात्रा की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि साधारण परिवार से आने वाली कुसुम लता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प मजबूत हो तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक संदेश
कुसुम लता ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिवार के सहयोग को दिया। उनकी उपलब्धि से जिले के विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और ग्रामीण अंचल की कई बेटियां उन्हें अपनी प्रेरणा के रूप में देख रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राएं राज्य की अमूल्य पूंजी हैं और सरकार उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल संसाधन तथा आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कुसुम लता की सफलता यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान गांवों से भी शुरू होकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।