शर्मा – नवतपा के चलते इन दिनों छत्तीसगढ़ में गर्मी पूरे शबाब पर है। भीषण गर्मी और तपा देने वाली धूप और उमस से न केवल आम जनमानस और पशु-पक्षी बेहाल हैं, बल्कि मंदिरों में भगवान को भी गर्मी से राहत दिलाने के लिए विशेष जतन किए जा रहे हैं। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, धमतरी और राजिम के प्रमुख मंदिरों के गर्भगृह में एसी और कूलर लगाए गए हैं।
वहीं, भगवान के पारंपरिक पहनावे से लेकर उनके भोग-प्रसाद में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब प्रभु को रसदार शीतल फल और ठंडे पेय पदार्थों का नैवेद्य अर्पित किया जा रहा है। सूती वस्त्रों की पोषाक पहनायी जा रही है। मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि मंदिर में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। कई मंदिरों में भगवान को चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को ठंडे शरबत का किया जा रहा है वितरण
बिलासपुरः खाटू श्याम मंदिर में हर वक्त एसी घोंघाबाबा मंदिर परिसर स्थित श्री खाटू श्याम बाबा मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्याम को गर्मी से बचाने के लिए लगातार एसी चलाया जा रहा है। प्रभु के भोग-प्रसाद में भी बदलाव किया गया है। उन्हें दही, खीरा, तरबूज, खरबूजा और आम अर्पित किए जा रहे हैं। श्री खाटू श्याम मंदिर बलखंडी बाबा न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष मंगतराय अग्रवाल के नेतृत्व में एक सेवा कार्य भी शुरू किया गया है। ट्रस्टी दीपराज उपाध्याय ने बताया कि, पुरुषोत्तम मास के पहले दिन से लेकर इसके समापन तक, प्रतिदिन शाम 6 से 7 बजे तक श्रद्धालुओं को ठंडे शरबत का वितरण किया जा रहा है।
भगवान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है
वेंटकेश मंदिर में लगे खस के पर्देसदर बाजार स्थित ऐतिहासिक वेंकटेश मंदिर में भी भगवान की सेवा के लिए विशेष ग्रीष्मकालीन व्यवस्था की गई है। गर्भगृह में एसी और कूलर तो लगाए ही गए हैं, साथ ही मंदिर परिसर में प्राकृतिक शीतलता बनाए रखने के लिए खस के पर्दे भी लटकाए गए हैं। भगवान को बेहद हल्के व सूती वस्त्र पहनाए गए हैं। भोग में तरबूज, खरबूजा और अंगूर जैसे मौसमी फलों को शामिल करने के अलावा शीतल पेयजल, आम पना, सत्तू और छाछ का भोग लगाया जा रहा है। ऐसा ही नजारा तिलकनगर स्थित राम मंदिर में भी देखने को मिल रहा है, जहां भगवान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
धमतरीः देवालयों में एसी-कूलर
धमतरी के प्रसिद्ध बिलाईमाता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आनंद पवार ने बताया कि, मंदिर में माता जी के समक्ष कूलर लगाया गया है, ताकि गर्मी के दिनों में शीतल वातावरण बना रहे। मठ मंदिर में हनुमान जी, राम-जानकी, दुर्गा माता एवं श्रीराम दरबार के समक्ष एसी की व्यवस्था की गई है। मंदिर से जुड़े दिलीप राज सोनी ने बताया कि यहां कई वर्षों से यह सुविधा उपलब्ध है। इसी प्रकार जगन्नाथ मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, खाटू श्याम मंदिर तथा गोवर्धन नाथ हवेली मंदिर में भी एसी के माध्यम से शीतल वातावरण बनाए रखा गया है। श्रद्धालु नियमित रूप से इन व्यवस्थाओं के संचालन में सहयोग कर रहे हैं। गणेश मंदिर के श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मंदिर में कूलर लगाया गया है, जिससे वातावरण ठंडा बना रहता है। वहीं शहर के प्रमुख साईं मंदिर में भी भगवान की
प्रतिमा के समक्ष कूलर की व्यवस्था की गई है।
भगवान श्री राजीव लोचन मंदिर में एसी-कूलर, दोपहर में नींबू-पुदीने का शरबत
राजिम। छत्तीसगढ़ का प्रयागराज कहलाने वाला पावन तीर्थ क्षेत्र राजिम इन दिनों भीषण गर्मी में भगवान को शीतलता पहुंचाने के लिए एसी और कूलर चल रहे हैं। भगवान के लिए दोपहर के समय विशेष शीतल भोग लगाया जाता है। दोपहर दो से तीन बजे के बीच भगवान को घसा जल जिसे नीबू पुदीना और शक्कर से तैयार शरबत बनाकर अर्पित किया जाता है। साथ ही भगवान सूती का वस्त्र का धारण कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी राजेंद्र मनु ने बताया कि गर्मी को देखते हुए भगवान को मौसम के अनुरूप सेवा और भोग अर्पित करना सनातन परंपरा का हिस्सा है और इसी भावना के साथ यह व्यवस्था की गई है। मंदिर का पट प्रतिदिन सुबह साढ़े चार बजे खुल जाता है। मौसम के अनुरूप भोग की भी व्यवस्था रहती है। भगवान को शीतल शरबत चैत्र रामनवमीं से आषाढ़ के रथयात्रा पर्व तक दी जाती है। इसके साथ पारंपरिक अनरसा का भोग भी लगाया जाता है। रात में दूध और अनरसा रखा जाता है जिसे ड्यारी भोग कहा जाता है। भगवान श्री राजीवलोचन के श्रृंगार में भी मौसम का विशेष ध्यान रखा जाता है। पूरे बारहों माह भगवान को केवल सूती यानी काटन के वस्त्र ही धारण कराए जाते हैं, जिससे उन्हें आराम और शीतलता मिल सके।