छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी और हाईटेक कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा स्थित कुंदरू बाड़ी इलाके में पुलिस ने ड्रोन कैमरे की मदद से निगरानी कर तस्करों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की इस रेड में 5 नाबालिगों समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा और एक चाकू बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में यह मामला केवल स्थानीय स्तर की बिक्री तक सीमित नहीं बल्कि एक संगठित सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सरकंडा थाना पुलिस को पिछले कई दिनों से इलाके में गांजा बिक्री और नशे के कारोबार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों ने भी संदिग्ध गतिविधियों और युवाओं की बढ़ती आवाजाही को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद पुलिस ने परंपरागत तरीके के बजाय टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके की निगरानी शुरू की।
ड्रोन से मिली फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ कुंदरू बाड़ी इलाके में छापा मारा। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 6 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी बाजार कीमत लगभग साढ़े 3 लाख रुपए बताई जा रही है। तलाशी में एक चाकू भी बरामद हुआ, जिसके बाद आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार आरोपियों में 5 नाबालिग शामिल हैं। इससे यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर नशे का कारोबार किस तरह युवाओं और किशोरों को अपने जाल में फंसा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और गांजा की सप्लाई कहां से हो रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अब तकनीक की मदद से ऐसे गिरोहों पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।