सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। सोमवार, 2 जून को बाजार खुलते ही निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए, जिससे बाजार में बिकवाली हावी रही।
कारोबार शुरू होते ही निफ्टी 50 करीब 153 अंक टूटकर 23,229 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 322 अंक की गिरावट के साथ 73,945 पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की शुरुआती चाल से साफ संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। निफ्टी के 50 में से 41 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जिससे व्यापक कमजोरी दिखाई दी।
हालांकि बाजार की इस गिरावट के बीच आईटी सेक्टर ने शानदार मजबूती दिखाई। Tech Mahindra, Infosys, Tata Consultancy Services, HCL Technologies और Wipro जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कुछ आईटी शेयर शुरुआती कारोबार में साढ़े तीन प्रतिशत तक उछल गए, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर टेक सेक्टर में सकारात्मक संकेतों और डॉलर में उतार-चढ़ाव का फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को मिल रहा है। यही वजह रही कि बाजार की कमजोरी के बावजूद आईटी शेयर निवेशकों को आकर्षित करते दिखाई दिए।
दूसरी तरफ फाइनेंशियल और हेल्थकेयर सेक्टर में दबाव बना रहा। Bajaj Finance, Bajaj Finserv, Apollo Hospitals और Max Healthcare जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में करीब ढाई प्रतिशत तक फिसल गए। आईटी और मेटल सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
मेटल सेक्टर में भी मजबूती बनी हुई है। NMDC के शेयर लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। पिछले कारोबारी सत्र में करीब 5 प्रतिशत की उछाल के बाद आज भी शेयर में करीब 2.40 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। इसके अलावा Hindustan Copper, Vedanta Limited, National Aluminium Company, Steel Authority of India और Hindalco Industries के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। हालांकि आईटी और मेटल सेक्टर में जारी मजबूती आने वाले दिनों में निवेशकों के लिए अवसर पैदा कर सकती है।
अब निवेशकों की नजर घरेलू आर्थिक आंकड़ों, अमेरिकी बाजार की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में इन्हीं संकेतों के आधार पर बाजार की अगली दिशा तय हो सकती है।