भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। घरेलू और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी अहम स्तरों से नीचे फिसल गया।
शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 840 अंक लुढ़ककर 73,800 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 23,250 के अहम स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। बाजार में आई इस तेज कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
सबसे ज्यादा दबाव सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT सेक्टर में देखने को मिला। कई बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में 3 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। IT शेयरों में तेज बिकवाली का असर पूरे बाजार की धारणा पर दिखाई दिया और अन्य सेक्टर्स भी दबाव में आ गए।
विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक बाजारों में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और आर्थिक अनिश्चितताओं ने भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ाया है। इसके अलावा निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से भी बाजार में गिरावट तेज हो गई।
बैंकिंग, ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान अधिकांश सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार में आई इस गिरावट से छोटे निवेशकों में भी बेचैनी का माहौल बन गया है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इस तरह की गिरावट अवसर भी बन सकती है। उनका कहना है कि मजबूत कंपनियों के शेयरों में गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश भविष्य में बेहतर रिटर्न दे सकता है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल घबराहट में फैसले लेने से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बाजार की आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
अब निवेशकों की नजर घरेलू आर्थिक संकेतकों के साथ-साथ अमेरिकी बाजार और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर टिकी हुई है, जो आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजार की चाल तय कर सकते हैं।