सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के लाइम एवं डोलो कैल्सिनेशन प्लांट (एलडीसीपी) के किल्न-3 का कैपिटल रिपेयर कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत दिनांक 02 जून 2026 को उसका पुनःप्रचालन विधिवत रूप से किया गया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने किल्न को पुनः उत्पादन में प्रारंभ कर परियोजना से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न यह कार्य संयंत्र की तकनीकी क्षमता, टीमवर्क तथा उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का परिचायक है।
पुनःप्रचालन समारोह में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ) श्री तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री सुशांत कुमार घोषाल, मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग) श्री प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (कॉन्ट्रैक्ट सेल) श्री इन्द्रजीत सेनगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (ईएमडी) श्री पी.पी.वी.एस. मूर्ति तथा मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री त्रिभुवन बैठा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक प्रभारी (आरएमपी-2 एवं आरएमपी-3) श्री वी. के. ओगले ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। वहीं प्रबंधक (आरएमपी-3) श्री विनय कुमार पवार द्वारा कैपिटल रिपेयर कार्य पर एक तकनीकी प्रस्तुति दी गई, जिसमें मरम्मत कार्य के विभिन्न चरणों, तकनीकी चुनौतियों, किए गए संशोधनों तथा प्राप्त परिणामों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
उल्लेखनीय है कि इस कैपिटल रिपेयर कार्य को सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जीरो हार्म’ के लक्ष्य के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया गया। मरम्मत कार्य के दौरान रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग द्वारा लगभग 1000 टन रिफ्रैक्टरी ईंटों के निष्कासन एवं पुनःस्थापन का चुनौतीपूर्ण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए संपन्न किया गया। विशेष रूप से, किल्न में पहली बार यंत्रीकृत (मेकनाइज्ड) पद्धति से डीब्रिकिंग कार्य किया गया, जिससे कार्य की दक्षता, सुरक्षा एवं निष्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संयंत्र के प्रति स्वामित्व भाव (ओनरशिप) विकसित करने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कैपिटल रिपेयर कार्य को बिना किसी दुर्घटना अथवा चोट के सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए सभी संबंधित विभागों, कर्मियों एवं सहयोगी एजेंसियों की सराहना की।
वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि को उत्कृष्ट टीमवर्क, तकनीकी दक्षता, प्रभावी परियोजना प्रबंधन तथा मजबूत सुरक्षा संस्कृति का परिणाम बताया। किल्न-3 के सफल पुनःप्रचालन के साथ लाइम एवं डोलो कैल्सिनेशन प्लांट की परिचालन क्षमता, विश्वसनीयता एवं उत्पादकता में वृद्धि होने की अपेक्षा व्यक्त की गई।