बिलासपुर में NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर उस समय बड़ा राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया जब NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। प्रदर्शन के दौरान हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को पहले वाटर कैनन और बाद में लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस कार्रवाई में कई छात्र कार्यकर्ता घायल हुए, जबकि भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फटने की घटना भी चर्चा का विषय बन गई।
दरअसल, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने सांसद निवास तक पहुंचने से पहले ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
स्थिति तब और ज्यादा बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार के बीच कई कार्यकर्ता सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान विधायक देवेंद्र यादव भी असंतुलित होकर गिर गए और उनका कुर्ता फट गया। इसके बाद प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद NSUI कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो लाठीचार्ज कर दिया गया। इस कार्रवाई में छह से अधिक कार्यकर्ता घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस ने 12 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया।
दूसरी ओर पुलिस का भी दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कई जवान घायल हुए हैं। सिविल लाइन CSP निमितेश सिंह के अनुसार प्रदर्शनकारियों के साथ हुई धक्का-मुक्की में पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है।
घटना के बाद सिम्स अस्पताल पहुंचे NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस कार्रवाई को बर्बर करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय लाठियां चलवाईं। जाखड़ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की जाती है तो संगठन भी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा और मामला अदालत तक ले जाया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने कांग्रेस और यूथ कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह नैतिकता की लड़ाई नहीं बल्कि राजनीतिक नौटंकी है। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी तब हुए कथित भ्रष्टाचारों पर इन लोगों ने कभी सवाल नहीं उठाए, लेकिन आज वे नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता ने यूथ कांग्रेस को “गुंडों की टोली” बताते हुए आंदोलन की मंशा पर सवाल खड़े किए।
वहीं कांग्रेस और NSUI का कहना है कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसी कारण वे केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
बिलासपुर में हुआ यह प्रदर्शन अब सिर्फ छात्र आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह कांग्रेस और भाजपा के बीच नई राजनीतिक लड़ाई का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज दबाने का मामला बता रही है तो दूसरी तरफ भाजपा इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और ज्यादा गरमाने की संभावना नजर आ रही है।






