एशिया के अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के सह-संस्थापक झांग यिमिंग ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार झांग यिमिंग की कुल संपत्ति बढ़कर 93 बिलियन डॉलर यानी करीब 8.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति 86 बिलियन डॉलर यानी लगभग 8.31 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस बदलाव के बाद एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज अभी भी उद्योगपति गौतम अडाणी के सिर पर बरकरार है। अडाणी की कुल संपत्ति 115 बिलियन डॉलर से अधिक बताई जा रही है। वहीं झांग यिमिंग दूसरे और मुकेश अंबानी तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि दुनिया की बदलती अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती ताकत का भी संकेत माना जा रहा है।
झांग यिमिंग की संपत्ति में आई इस जबरदस्त बढ़ोतरी के पीछे बाइटडांस का तेजी से बढ़ता कारोबार और कंपनी का AI सेक्टर में आक्रामक विस्तार प्रमुख कारण माना जा रहा है। खास तौर पर कंपनी के AI चैटबॉट “डौबाओ” ने चीन में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। यह चैटबॉट तकनीक के मामले में ChatGPT और Gemini जैसे प्लेटफॉर्म को टक्कर देता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में डौबाओ के 30 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जिसने बाइटडांस की वैल्यूएशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
झांग यिमिंग की सफलता की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। वर्ष 2019 में उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.24 लाख करोड़ रुपये थी, लेकिन पिछले सात वर्षों में उनकी संपत्ति सात गुना से अधिक बढ़ चुकी है। डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया और AI टेक्नोलॉजी में बाइटडांस के विस्तार ने उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली टेक उद्यमियों में शामिल कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में टिकटॉक से जुड़े विवादों के कम होने और कंपनी के बिजनेस मॉडल पर बढ़ते भरोसे ने भी निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। इसके अलावा ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे बड़े निवेशकों के सकारात्मक आकलन के बाद बाइटडांस की वैल्यू में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसी वजह से झांग यिमिंग की संपत्ति में कुछ ही समय में करीब 2.30 लाख करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया।
बाइटडांस अब केवल सोशल मीडिया कंपनी नहीं रह गई है। कंपनी ने AI सेक्टर में भारी निवेश का ऐलान किया है और इस वर्ष लगभग 6.7 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। यही वजह है कि निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर बेहद आशावादी नजर आ रहे हैं।
एशिया के शीर्ष पांच अरबपतियों की सूची में चौथे स्थान पर जापान के यूनिक्लो ब्रांड के संस्थापक तदाशी यानाई हैं, जबकि पांचवें स्थान पर सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सोन बने हुए हैं। हालांकि सबसे अधिक चर्चा झांग यिमिंग और मुकेश अंबानी के बीच हुई इस रैंकिंग अदला-बदली को लेकर हो रही है।
वैश्विक स्तर पर देखें तो दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान अभी भी इलॉन मस्क के पास है। उनकी कुल संपत्ति 726 बिलियन डॉलर के करीब बताई जा रही है। इसके बाद गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज और टेक उद्योग के दिग्गज लैरी एलिसन शीर्ष तीन अरबपतियों में शामिल हैं।
झांग यिमिंग का एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बनना इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्र दुनिया की संपत्ति और आर्थिक ताकत का नया केंद्र बनने जा रहा है। जहां कभी तेल, गैस और पारंपरिक उद्योगों का दबदबा था, वहीं अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक कंपनियां अरबपतियों की नई पीढ़ी तैयार कर रही हैं।