भारत की मेजबानी में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्णिम शुरुआत की है। प्रतियोगिता के पहले ही दिन मेजबान भारत ने दांव पर लगे छह में से पांच स्वर्ण पदक अपने नाम कर दुनिया को योगासन में अपनी ताकत का अहसास करा दिया। एका एरिना में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा शुरुआत से ही देखने को मिला।
भारत के लिए स्वर्णिम अभियान की शुरुआत पश्चिम बंगाल के अभय बर्मन और रितु मंडल ने की। पारंपरिक योगासन वर्ग के सीनियर पुरुष मुकाबले में अभय बर्मन ने 63.42 अंक हासिल कर विश्व चैंपियनशिप का पहला स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाला। इंडोनेशिया के अर्कान रियांतो को रजत और उज्बेकिस्तान के एलन को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
अपनी जीत के बाद अभय बर्मन ने कहा कि विश्व योगासन चैंपियनशिप का पहला स्वर्ण भारत के लिए जीतना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है। उन्होंने कहा कि घरेलू दर्शकों का समर्थन उनके लिए अतिरिक्त प्रेरणा साबित हुआ।
इसके बाद सीनियर महिला वर्ग में रितु मंडल ने 64.33 अंक अर्जित कर भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। कजाखस्तान की ऐझान कुआनिशबायेवा ने रजत जबकि हांगकांग की लैम न्गा मान ने कांस्य पदक जीता। रितु ने अपनी सफलता को वर्षों की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि 12 साल की उम्र में शुरू हुए उनके योगासन सफर का यह सबसे गौरवपूर्ण क्षण है।
भारत को पहले दिन एकमात्र झटका सीनियर ए पुरुष वर्ग में लगा, जहां सिंगापुर के नाथानियल टैन लियोंग आन ने 55.37 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ियों की क्लीन स्वीप की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। इस स्पर्धा में तंजानिया के करिमु स्वाफी को रजत और भारत के सुमिर ग्नावली को कांस्य पदक मिला।
हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने जल्द ही वापसी करते हुए अपना वर्चस्व फिर स्थापित कर दिया। सीनियर ए महिला वर्ग में रितु ठाकुर ने 63.50 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। अर्जेंटीना की नबिला सोल बर्राजा दूसरे और केन्या की अवोर साउलिन्हा तीसरे स्थान पर रहीं।
सीनियर बी पुरुष वर्ग में रोशन थापा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 65.67 अंक प्राप्त किए और भारत को चौथा स्वर्ण पदक दिलाया। बांग्लादेश के मोहम्मद मामून खान बाबू ने रजत और किर्गिस्तान के दानिल रिकोव ने कांस्य पदक जीता।
दिन के अंतिम मुकाबले में भारत की ज्योति देउरकर ने ट्विस्टिंग बॉडी व्यक्तिगत सीनियर बी महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के स्वर्णिम अभियान को और मजबूत किया। उन्होंने 46.14 अंक अर्जित किए। ओमान की ओलिमुथु नवामणि को रजत और जापान की साओरी क्युएई को कांस्य पदक मिला।
विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 को योगासन को वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रतियोगिता को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण तथा अन्य संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है। भारत ने इस प्रतियोगिता में 122 सदस्यीय दल उतारा है, जो विभिन्न आयु वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहा है।
पहले दिन के प्रदर्शन ने साफ संकेत दे दिया है कि योग की जन्मभूमि भारत इस खेल के वैश्विक मंच पर भी अपना दबदबा बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।