भारत में सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में Instagram Reels लोगों के खरीदारी के तरीके को भी बदल रहा है। Meta Platforms की एक नई स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि भारत में लगभग हर दूसरा खरीदारी फैसला Instagram Reels से प्रभावित हो रहा है। यानी अब लोग सिर्फ वीडियो देखकर समय नहीं बिताते, बल्कि उन्हीं वीडियो के आधार पर प्रोडक्ट खोजते, तुलना करते और खरीदारी भी करते हैं।
Meta द्वारा कराए गए इस अध्ययन को रिसर्च एजेंसी Ipsos ने अंजाम दिया। इसमें देश के 23 शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों के 4,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया। रिपोर्ट बताती है कि भारत में डिजिटल वीडियो कंटेंट का प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुका है। आज 97 प्रतिशत भारतीय Meta के प्लेटफॉर्म्स पर रोजाना वीडियो देखते हैं। खास बात यह है कि वीडियो देखने की आदत अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। शहरी क्षेत्रों में जहां 98 प्रतिशत लोग रोज वीडियो देखते हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह आंकड़ा 94 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
स्टडी के मुताबिक Instagram Reels Meta के सभी प्लेटफॉर्म्स में सबसे तेजी से बढ़ने वाला शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट बन गया है। खासकर युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता चरम पर है। रिपोर्ट बताती है कि 97 प्रतिशत Gen Z यूजर्स रोजाना वीडियो कंटेंट देखते हैं, जबकि 89 प्रतिशत युवा नियमित रूप से Reels के साथ जुड़े रहते हैं। महिलाओं और प्रीमियम यूजर्स के बीच भी Reels की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
Meta का कहना है कि Reels अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह कंटेंट डिस्कवरी, ट्रेंड सेटिंग और क्रिएटर एंगेजमेंट का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। यही वजह है कि ब्रांड्स और कंपनियां भी अब अपने मार्केटिंग बजट का बड़ा हिस्सा Reels आधारित विज्ञापनों और कंटेंट पर खर्च कर रही हैं।
रिपोर्ट में सामने आया कि 81 प्रतिशत लोग नए प्रोडक्ट्स की जानकारी Reels के जरिए प्राप्त कर रहे हैं। इतना ही नहीं, 66 प्रतिशत उपभोक्ता किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उससे जुड़ी Reels देखना पसंद करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि 47 प्रतिशत खरीदारी के फैसले सीधे तौर पर Reels से प्रभावित हो रहे हैं। यानी हर दो में से लगभग एक ग्राहक किसी न किसी वीडियो कंटेंट को देखकर खरीदारी का निर्णय ले रहा है।
यह प्रभाव खासकर ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक देखने को मिला है। उपभोक्ता अब पारंपरिक विज्ञापनों की बजाय क्रिएटर्स द्वारा बनाए गए वीडियो और रिव्यू पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
Meta इंडिया के अधिकारियों का मानना है कि Reels ने क्रिएटर्स, संस्कृति और कॉमर्स को एक साथ जोड़ दिया है। अब यूजर्स सिर्फ कंटेंट का उपभोग नहीं कर रहे, बल्कि उसी कंटेंट के जरिए नए प्रोडक्ट्स खोज रहे हैं और खरीदारी भी कर रहे हैं। यही कारण है कि डिजिटल मार्केटिंग का पूरा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।
स्टडी में यह भी पता चला कि भारतीय दर्शकों के बीच ब्यूटी और मेकअप, फैशन और लाइफस्टाइल, फिटनेस, कॉमेडी और स्पोर्ट्स से जुड़े वीडियो सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। इन श्रेणियों में बनने वाले कंटेंट का सीधा असर उपभोक्ताओं की पसंद और खरीदारी व्यवहार पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Instagram Reels भारत के डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। जिस तरह पहले टीवी विज्ञापन लोगों के खरीदारी फैसलों को प्रभावित करते थे, उसी तरह अब मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाली छोटी-छोटी Reels उपभोक्ताओं की पसंद और बाजार के रुझान तय कर रही हैं।
भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच के साथ यह ट्रेंड और मजबूत होने की संभावना है। ऐसे में Instagram Reels केवल एक मनोरंजन प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि नए दौर का डिजिटल बाजार बनता जा रहा है, जहां वीडियो ही विज्ञापन है, वीडियो ही सलाहकार है और वीडियो ही खरीदारी का माध्यम भी।