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नगरोत्थान और 15वें वित्त से निकायों को मिली है राशि:शहरों को पहचान देने निकले 834 करोड़ फाइलों से ही बाहर नहीं आए प्रोजेक्ट

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प्रदेश के नगरीय निकायों को पिछले कुछ महीनों में दो बड़ी योजनाओं के तहत 834 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि मिल चुकी है। इनमें मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के 429.45 करोड़ रुपए और 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। इसके बावजूद अधिकांश निकायों में कामों की गति बेहद धीमी है।

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 13 नगर निगमों में 26 बड़े प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। इनका उद्देश्य शहरों को नई पहचान देने के साथ यातायात, जलापूर्ति, स्वच्छता और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करना है। लेकिन जमीनी स्थिति यह है कि कई परियोजनाएं अब तक टेंडर, डीपीआर या प्रारंभिक प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ पाई हैं।

राजधानी रायपुर इसका बड़ा उदाहरण है। यहां 91.27 करोड़ रुपए के चार प्रमुख प्रोजेक्ट मंजूर हुए हैं। महादेव घाट पुनरुद्धार, 18 रोड जंक्शन का विकास और गौरवपथ-2 जैसे कामों पर अब तक ठोस प्रगति नहीं दिखी है। तेलीबांधा स्थित टेक्नीकल टॉवर परियोजना ही ऐसी है, जहां टेंडर और प्रारंभिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ी हैं।

बिलासपुर में सड़क चौड़ीकरण, अटल पथ, सीसी रोड, नाली निर्माण और रकबंधा तालाब सौंदर्यीकरण जैसे कार्य शुरू तो हुए हैं, लेकिन अधिकांश की प्रगति 15 से 50 प्रतिशत के बीच बताई जा रही है। धमतरी में लगभग 18 करोड़ रुपए के हाइटेक बस स्टैंड का निर्माण प्रारंभिक चरण में है। कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर, चिरमिरी, रिसाली और अन्य निगमों में भी कई परियोजनाएं शुरुआती चरण में हैं।

प्रमुख नगर निगमों में स्वीकृत प्रोजेक्ट

  • रायपुर (91.27 करोड़): महादेव घाट पुनरुद्धार, टेक्नीकल टॉवर, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, 18 रोड जंक्शन।
  • रायगढ़ (64.66 करोड़): मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल।
  • बिलासपुर (57.92 करोड़): अटल पथ, सड़क चौड़ीकरण, तालाब सौंदर्यीकरण, सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट।
  • कोरबा (36.55 करोड़): गौरव पथ।
  • धमतरी (24.64 करोड़): हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम।
  • अंबिकापुर (13.99 करोड़): मां महामाया कॉरिडोर, पार्क विकास।
  • जगदलपुर (19.95 करोड़): दलपत सागर विकास, मार्ग चौड़ीकरण।
  • भिलाई-चरोदा (29.43 करोड़) : केनाल रोड निर्माण।
  • बीरगांव (24.75 करोड़): उरला नाला और प्रमुख सड़क निर्माण।
  • रिसाली (17.33 करोड़): 3 प्रमुख सड़कों का विकास एवं चौड़ीकरण।
  • चिरमिरी (14.84 करोड़): बाइपास, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य।
  • दुर्ग (9.84 करोड़): फोरलेन सड़क।
  • भिलाई (24.30 करोड़): 24 विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य।

शासन ने जिलों के लिए नोडल अफसरों की नियुक्ति की है। शनिवार को नियुक्ति के बाद पहली बार नोडल अफसरों ने जिलों के निकायों का दौरा किया। मैंने खुद रायपुर जिले के नगरीय निकायों के अफसरों की बैठक ली और कामों की समीक्षा की। बाकी निगमों में भी अफसरों को जल्द दौरा कर रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपना है। पुलक भट्‌टाचार्य, अपर संचालक नगरीय प्रशासन विभाग

नगरीय निकायों में योजनाओं की रफ्तार देखने पहुंचे नोडल अफसर

राज्य के 33 जिलों में नियुक्त शासन के नोडल अफसरों ने शनिवार से अपने-अपने जिलों के नगरीय निकायों का दौरा शुरू कर दिया। पहले दिन अधिकारियों ने निगम आयुक्तों, सीएमओ और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

कई स्थानों पर योजनाओं का भौतिक निरीक्षण भी किया गया। नोडल अफसरों को यह रिपोर्ट देनी है कि किन निकायों का प्रदर्शन बेहतर है, किन योजनाओं में देरी हो रही है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले महीने सभी जिलों के लिए नोडल अफसर नियुक्त किए थे। विभागीय सचिव आर. संगीता के निर्देश पर शनिवार से यह समीक्षा अभियान शुरू हुआ।

रायपुर के नोडल अफसर पुलक भट्टार्चाय ने पहले दिन रायपुर, बीरगांव, गरियाबंद, आरंग, गोबरा-नवापारा, तिल्दा-नेवरा, चीफ इंजीनियर राजेश शर्मा ने धमतरी सहित अन्य अफसरों ने बाकी निकायों की समीक्षा की।

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